मध्य प्रदेश के शिक्षकों को ई-अटेंडेंस में बड़ी राहत: 10:30 बजे से पहले बाध्यता खत्म अब 10.45 तक लगा सकते हैं , कमिश्नर से चर्चा के बाद बनी सहमति छत्तीसगढ़ में भी राज्य कर्मचारी संघ ने शिक्षकों को राहत की मांग की
छत्तीसगढ़ में भी इस व्यवस्था को लेकर चर्चाएं गर्म हैं कि यहाँ भी शिक्षकों को ऐसी राहत मिल सकती है। राज्य कर्मचारी संघ के तरफ से शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से छत्तीसगढ़ के शिक्षकों को भी इस तरह के राहत देने का आग्रह किया गया है।

भोपाल/रायपुर प्रवक्ता कॉम 12 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश में शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लोक शिक्षण संचालनालय में मप्र शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों और कमिश्नर के बीच हुई चर्चा के बाद यह स्पष्ट कर दिया गया है कि अब शिक्षकों पर सुबह 10:30 बजे के पहले (यानी 9:45 बजे तक) ई-अटेंडेंस भरने की कोई बाध्यता नहीं होगी।
कमिश्नर के निर्देशों के बाद उठा था मामला
वीडियो कांफ्रेंसिंग में कमिश्नर के निर्देश मिलने के बाद कई जिलों के शिक्षा अधिकारियों ने स्कूलों में इसका कड़ाई से पालन कराना शुरू कर दिया था। इसे लेकर शिक्षकों में असमंजस और चिंता की स्थिति बन गई थी, क्योंकि विद्यालयों का निर्धारित समय प्रातः 10:30 बजे से अपराह्न 4:30 बजे तक का है।
शिक्षक संघ की पहल और आयुक्त से चर्चा
इस समस्या के समाधान के लिए मंगलवार की देर शाम लोक शिक्षण संचालनालय में मप्र शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों की मुलाकात कमिश्नर अभिषेक सिंह से हुई। संघ के अध्यक्ष डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर ने मांग रखी कि चूंकि स्कूल का समय 10:30 बजे से है, इसलिए प्रातः 9:45 बजे तक अटेंडेंस की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए।
इन बिंदुओं पर बनी सहमति
उपस्थिति का समय: आयुक्त द्वारा स्पष्ट किया गया कि अब सुबह 10:30 बजे के पूर्व यानी 9:45 बजे ई-अटेंडेंस लगाने की कोई बाध्यता नहीं होगी, और सभी लोक सेवक निर्धारित समयानुसार प्रातः 10:30 बजे तक अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे।
टाइम इन और आउट: शिक्षक संघ ने जोर देकर मांग की कि ‘टाइम इन’ और ‘टाइम आउट’ की सुविधा को पूर्वानुसार ही यथावत रखा जाए।
विशेष छूट: आयुक्त के साथ हुई इस उच्चस्तरीय वार्ता में शिक्षकों को राहत देते हुए 10:45 बजे तक ई-अटेंडेंस लगाने की सुविधा दिए जाने पर भी सहमति बन गई है।
मध्य प्रदेश की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में सुगबुगाहट
मध्य प्रदेश में हाल ही में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस और समय सीमा को लेकर चल रहे विरोध के बाद राहत दी गई है। भोपाल में लोक शिक्षण संचालनालय और शिक्षक संघ के बीच हुई चर्चा के बाद आयुक्त ने स्पष्ट किया कि 10:30 बजे के पूर्व प्रातः 9:45 बजे तक ई-अटेंडेंस लगाने की कोई बाध्यता नहीं रहेगी, और अब 10:45 बजे तक ई-अटेंडेंस लगाने की सुविधा पर सहमति बनी है। इसी प्रकार के घटनाक्रमों को देखते हुए छत्तीसगढ़ में भी इस व्यवस्था को लेकर चर्चाएं गर्म हैं कि यहाँ भी शिक्षकों को ऐसी राहत मिल सकती है। राज्य कर्मचारी संघ के तरफ से शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से छत्तीसगढ़ के शिक्षकों को भी इस तरह के राहत देने का आग्रह किया गया है।
छत्तीसगढ़ में VSK ऐप और तकनीकी खामियां
छत्तीसगढ़ में शिक्षा विभाग द्वारा विद्या समीक्षा केंद्र के VSK ऐप के जरिए शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस ली जा रही है। लेकिन मैदानी स्तर पर इस ऐप के संचालन में आ रही तकनीकी खामियों (Technical Glitches) और सर्वर समस्याओं के कारण शिक्षकों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नेटवर्क और ऐप की दिक्कतों के चलते समय पर उपस्थिति दर्ज नहीं हो पा रही है, जिससे शिक्षकों में रोष है।





