शिक्षा मंत्री की सख्ती: सालों से ‘अफसरी’ कर रहे शिक्षकों को दिखाया स्कूलों का रास्ता, बलौदाबाजार और रायपुर में हड़कंप
अभी तक बिलासपुर , कबीरधाम, मुंगेली, रायगढ़ सहित कई जिलों में शिक्षक बीआरसी एपीसी ,सहायक खंड शिक्षा अधिकारी, ओपन स्कूल, समग्र शिक्षा में संलग्न हैं जिन्हें स्कूल से ही वेतन आहरित होना है । शासन को विधानसभा में इससे जुड़े सवालों का जवाब देना पड़ सकता है । यहां डीईओ जवाबदेह माने जाएंगे।
रायपुर /जांजगीर/बलौदाबाजार प्रवक्ता.कॉम
03 जुलाई 2026
रायपुर/बलौदाबाजार।
छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री की कड़ी नाराजगी और सख्त निर्देश के बाद आखिरकार स्कूल शिक्षा विभाग में वर्षों से मलाईदार पदों पर जमे ‘रसूखदार’ शिक्षकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। लंबे समय से मूल शालाओं को छोड़कर कार्यालयों में बाबूगिरी और अफसरी कर रहे शिक्षकों को तत्काल कार्यमुक्त कर वापस स्कूलों में भेजने का आदेश जारी कर दिया गया है।
इस कार्रवाई के तहत कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी (बलौदाबाजार-भाटापारा) द्वारा जारी आदेश क्रमांक 4823 दिनांक 30.06.2026 के अनुसार, कलेक्टर के अनुमोदन के बाद विभिन्न विभागों और कार्यालयों में संलग्न 13 शिक्षकों/प्राचार्यों को तत्काल प्रभाव से उनकी मूल पदस्थापना संस्था के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया है।

इसी क्रम में कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी (रायपुर) द्वारा भी पत्र क्रमांक 9739 दिनांक 01.07.2026 (संदर्भ: दस्तावेज़ image.png) जारी कर धरसींवा, अभनपुर, आरंग और तिल्दा के विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में संलग्न सभी कर्मचारियों/शिक्षकों को तत्काल मूल शालाओं में भेजने का कड़ा निर्देश जारी किया गया है।
बलौदाबाजार: इन शिक्षकों की खत्म हुई ‘अफसरी’
विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार जिन प्रमुख चेहरों को वापस स्कूल भेजा गया है, उनमें शामिल हैं:
श्री संजय श्रीवास्तव (प्राचार्य): विकासखंड शिक्षा अधिकारी सिमगा से वापस शा.उ.मा.वि. दामाखेड़ा।
श्री अरूण कुमार वर्मा (व्याख्याता): डीईओ कार्यालय बलौदाबाजार से वापस शा.उ.मा.वि. खोखली।
श्री जहीर अब्बास (व्याख्याता एल.बी.): समग्र शिक्षा कार्यालय से वापस शा.उ.मा.वि. दतरेंगी।
श्री हरवंश लाल निषाद (व्यायाम शिक्षक): कलेक्टर कार्यालय से वापस शा.उ.मा.वि. हिरमी।
श्री किरण कुमार वर्मा (शिक्षक एल.बी.): बीआरसीसी सिमगा से वापस सेजेस सिमगा।
इसके अलावा दुर्गेश शर्मा, जीवन लाल जोशी, नीलमणि साहू, लवकेश निराला, कुंज बिहारी भारद्वाज, प्रेमिन ध्रुव, अंजनी घृतलहरे और निर्मला वर्मा जैसे शिक्षकों को भी विभिन्न कार्यालयों व छात्रावासों से हटाकर वापस उनकी मूल शालाओं में भेजा गया है।
रायपुर में भी हड़कंप, पर सवाल अब भी बरकरार: BRC और RCC में संलग्न चहेतों को कब हटाएंगे?

रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश (image.png) के बाद पूरे जिले के विकासखंडों में खलबली मची हुई है। डीईओ ने स्पष्ट किया है कि 2 जुलाई 2026 तक सभी संलग्न शिक्षकों को कार्यमुक्त कर उनकी जानकारी अनिवार्य रूप से कार्यालय में प्रस्तुत की जाए।
कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर, जिला-जांजगीर-चाम्पा (छत्तीसगढ़) द्वारा जारी किया गया एक आधिकारिक आदेश है।

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि:
रायपुर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में अब भी कई प्रभावशाली शिक्षक बीआरसी (BRC – ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) और आरसीसी (RCC) जैसी जगहों पर सालों से मलाईदार कुर्सियों पर कुंडली मारकर बैठे हुए हैं। जब शिक्षा मंत्री का आदेश सभी संलग्नीकरण को समाप्त करने का है, तो रायपुर में इन बीआरसी और आरसीसी में वर्षों से जमे ‘चहेते’ अफसरों/शिक्षकों पर अब तक गाज क्यों नहीं गिरी?
सूत्रों का कहना है कि जमीनी स्तर पर स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में रायपुर प्रशासन को भी पूरी पारदर्शिता दिखाते हुए बीआरसी और आरसीसी में संलग्न इन रसूखदारों को तत्काल कार्यमुक्त कर ब्लैकबोर्ड के सामने खड़ा करना चाहिए, न कि सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर खानापूर्ति की जाए।
अब देखना यह होगा कि शिक्षा मंत्री की इस सख्ती के बाद रायपुर के आला अधिकारी बीआरसी और आरसीसी में जमे इन ‘सफेदपोश’ गुरुजियों को कब तक स्कूलों का रास्ता दिखाते हैं।






