छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से शुरू होगा नया शिक्षा सत्र, सरकार ने बदला सालों पुराना नियम शिक्षा मंत्रालय ने जारी किया आदेश

रायपुर प्रवक्ता.कॉम 8 जुलाई 2026
नवा रायपुर, 8 जुलाई 2026: छत्तीसगढ़ सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव करने का निर्णय लिया है। राज्य शासन द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, आगामी वर्ष (2027) से छत्तीसगढ़ के सभी स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र 01 अप्रैल से प्रारंभ होकर 31 मार्च तक चलेगा।
वर्तमान में राज्य में शिक्षा सत्र 16 जून से 30 अप्रैल तक प्रभावी रहता था, जिसे अब पूरी तरह बदल दिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह के हस्ताक्षर से यह आदेश संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय को जारी कर दिया गया है।
आदेश की मुख्य बातें
नया सत्र: 01 अप्रैल से 31 मार्च तक (आगामी वर्ष 2027 से लागू)।
गर्मी की छुट्टियां: 01 मई से 15 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश यथावत रहेगा।
योजनाओं की शुरुआत: शाला प्रवेश उत्सव, मुफ्त किताबें, साइकिल और यूनिफॉर्म (गणवेश) वितरण जैसे काम अब 01 अप्रैल से ही शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
ऐसा निर्णय क्यों लिया गया?
इस बड़े प्रशासनिक और शैक्षणिक बदलाव के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं:
- राष्ट्रीय स्तर पर एकरूपता (Uniformity): केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE), ICSE और देश के अधिकांश अन्य राज्यों के शिक्षा बोर्डों में शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से ही शुरू होता है। छत्तीसगढ़ (CGBSE) में सत्र जून से शुरू होने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर तालमेल की कमी थी, जिसे अब दूर कर लिया गया है।
- गर्मी के मौसम का प्रबंधन: छत्तीसगढ़ में मई और जून के शुरुआती हफ्तों में भीषण गर्मी और लू चलती है। जून के मध्य में स्कूल खुलने पर बच्चों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ता था। अब अप्रैल में पढ़ाई शुरू होने से मौसम अपेक्षाकृत अनुकूल रहेगा।
इस निर्णय से क्या फायदे होंगे?
इस नए नियम के लागू होने से छात्रों, पालकों (अभिभावकों) और शिक्षा विभाग को कई बड़े फायदे मिलेंगे:
पढ़ाई के लिए अतिरिक्त समय: अप्रैल महीने में नया सत्र शुरू होने से शिक्षकों को पाठ्यक्रम (Syllabus) पूरा कराने के लिए ज्यादा समय मिलेगा। इससे बच्चों पर परीक्षाओं के समय पढ़ाई का मानसिक दबाव कम होगा।
केंद्रीय बोर्ड के छात्रों से बराबरी: छत्तीसगढ़ बोर्ड के छात्र अब देश के अन्य बड़े बोर्ड्स के साथ कदम से कदम मिला सकेंगे। यदि किसी छात्र को दूसरे राज्य या बोर्ड में ट्रांसफर लेना हो, तो उसका शैक्षणिक नुकसान नहीं होगा।
योजनाओं का सही समय पर लाभ: नए आदेश के मुताबिक, ‘शाला प्रवेश उत्सव’, मुफ्त पाठ्यपुस्तक, सरस्वती साइकिल योजना और यूनिफॉर्म का वितरण 1 अप्रैल से ही सुनिश्चित किया जाएगा। इसका मतलब है कि सत्र के पहले दिन से ही बच्चों के पास उनकी पढ़ाई का पूरा सामान मौजूद रहेगा।
छुट्टियों का सही उपयोग: मई से जून के बीच मिलने वाली डेढ़ महीने की छुट्टियों में बच्चे बिना किसी नए सिलेबस की चिंता के अपनी हॉबी क्लासेज, समर कैंप या परिवार के साथ समय बिता सकेंगे, क्योंकि अप्रैल में वे अगली कक्षा का बेसिक ढांचा समझ चुके होंगे।





