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डिजिटल साक्ष्यों को मिली कानूनी मान्यता: मप्र सरकार ने जारी किया ‘इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स नियम-2026’ का गजट नोटिफिकेशन अब अदालत में मोबाइल डेटा, चैट, ई-मेल और कॉल रिकॉर्ड्स जैसे डिजिटल साक्ष्यों को सीधे ‘डिजिटल पैकेज’ के रूप में पेश किया जा सकेगा

भोपाल

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​प्रवक्ता. कॉम 9 जुलाई 2026

मध्यप्रदेश सरकार ने देश के नए कानून ‘भारतीय साक्ष्य अधिनियम-2023’ के तहत एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘मध्य प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स नियम-2026’ का गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस नए नियम के लागू होने से प्रदेश की न्यायिक और जांच प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। अब अदालत में मोबाइल डेटा, चैट, ई-मेल और कॉल रिकॉर्ड्स जैसे डिजिटल साक्ष्यों को सीधे ‘डिजिटल पैकेज’ के रूप में पेश किया जा सकेगा।

अब सीधे ‘डिजिटल पैकेज’ के रूप में पेश होंगे सबूत

​नए नियमों के मुताबिक, अब आपराधिक या सिविल मामलों की जांच और सुनवाई के दौरान तकनीकी साक्ष्यों को प्रमाणित करने की प्रक्रिया बेहद सरल और सुरक्षित हो जाएगी।

​इसके तहत मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं:

सीधे प्रस्तुतीकरण: वाट्सएप चैट, ई-मेल, सोशल मीडिया पोस्ट, मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स (CDR) जैसे डिजिटल रिकॉर्ड्स को अब सीधे अदालत के समक्ष डिजिटल पैकेज बनाकर प्रस्तुत किया जा सकेगा।

अखंडता और सुरक्षा: ई-साक्ष्य प्रणाली के तहत तैयार होने वाले इन डिजिटल पैकेजों को इस तरह सुरक्षित किया जाएगा कि उनके साथ किसी भी स्तर पर छेड़छाड़ (टैंपरिंग) न की जा सके।

त्वरित न्याय: तकनीकी साक्ष्यों को अदालत द्वारा सीधे स्वीकार किए जाने से मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और जांच एजेंसियों को बार-बार फोरेंसिक लैब के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

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