“आज भी भारत के किसी गांव में शायद एक छोटा सा रामनाथ टपकती छत के नीचे खड़ा होगा और एक बेहतर भविष्य का सपना देख रहा होगा ” पुरखों की टपकती छत याद कर भावुक हो गए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री मोदी भी रह गए हैरान
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा 'ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माई लाइफ, माई स्ट्रगल्स' का विमोचन किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
नई दिल्ली:
12 अगस्त 2026
देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपनी आत्मकथा के विमोचन के दौरान अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे उनके कच्चे घर की छत बारिश में टपकती थी। उनके इस मार्मिक संस्मरण को सुनकर मंच पर मौजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अवाक और भावुक नजर आए।
विज्ञान भवन के एक विशेष कार्यक्रम में बोल रहे थे
साभार :uni
किताब का विमोचन:
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माई लाइफ, माई स्ट्रगल्स’ का विमोचन किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
फूस की छत का संस्मरण:
अपने संबोधन के दौरान रामनाथ कोविंद ने अपने गांव के दिनों को याद करते हुए कहा कि उनका घर घास-फूस का बना हुआ था और बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था, जिसके बाद उन्हें और उनके परिवार को एक कोने में खड़े होकर बारिश रुकने का इंतजार करना पड़ता था।
राष्ट्रपति बनने पर आई पुरानी यादें:
पूर्व राष्ट्रपति ने भावुक होते हुए साझा किया कि जब साल 2017 में वे देश के राष्ट्रपति चुने गए, तो उनके मन में वही पुरानी स्मृतियां लौट आईं थीं। उन्होंने तब सोचा था कि आज भी देश के किसी गांव में कोई छोटा रामनाथ टपकती हुई छत के नीचे बेहतर भविष्य का सपना देख रहा होगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना का जिक्र:
गरीबों के जीवन में आए बदलाव पर बात करते हुए उन्होंने संतोष जताया कि आज ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के माध्यम से देश के करोड़ों गरीबों को पक्की छत नसीब हो रही है।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पूर्व राष्ट्रपति के संघर्ष और आम जनमानस से जुड़े उनके जुड़ाव को देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनकी इन बातों को बेहद ध्यान से सुनते हुए नजर आए।






