भारत की जनगणना 2027: सरकार ने तैयार किया 40 सूत्रीय प्रश्नपत्र, नागरिकों से मांगी जाएगी विस्तृत जानकारी
भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय ने इस संबंध में एक विस्तृत आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 8 (1) के तहत जारी इस अधिसूचना में उन 40 प्रमुख बिंदुओं को सूचीबद्ध किया गया है, जिनके आधार पर जनगणना अधिकारी घर-घर जाकर नागरिकों से जानकारी एकत्रित करेंगे।
दिल्ली प्रवक्ता.कॉम 14 अगस्त 2026
भारत सरकार ने आगामी ‘भारत की जनगणना 2027’ की रूपरेखा तैयार कर ली है। गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय ने इस संबंध में एक विस्तृत आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 8 (1) के तहत जारी इस अधिसूचना में उन 40 प्रमुख बिंदुओं को सूचीबद्ध किया गया है, जिनके आधार पर जनगणना अधिकारी घर-घर जाकर नागरिकों से जानकारी एकत्रित करेंगे।




राज पत्र में जारी हुई अधिसूचना
अधिसूचना के अनुसार, जनगणना अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार तक पहुँचेंगे और ‘परिवार अनुसूची’ (Household Schedule) के माध्यम से आंकड़े जुटाएंगे। महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण के हस्ताक्षर से जारी यह अधिसूचना स्पष्ट करती है कि इस बार डेटा संकलन में सामाजिक, आर्थिक और डिजिटल प्रोफाइलिंग पर विशेष जोर दिया गया है।
प्रश्नावली के मुख्य बिंदु
जनगणना के लिए तैयार किए गए 40 प्रश्नों को विभिन्न श्रेणियों में बांटा गया है:
व्यक्तिगत विवरण: इसमें नाम, मुखिया से संबंध, लिंग, जन्म तिथि, आयु, वर्तमान वैवाहिक स्थिति, धर्म और विवाहित महिलाओं के लिए बच्चों से संबंधित आंकड़े शामिल हैं।
सामाजिक व शैक्षणिक स्थिति:
अनुसूचित जाति/जनजाति की जानकारी, मातृभाषा, साक्षरता का स्तर, डिजिटल साक्षरता, और उच्च शिक्षा का विवरण।
आर्थिक गतिविधियाँ:
पिछले वर्ष में रोजगार की स्थिति, कार्य का स्वरूप, व्यवसाय का प्रकार और काम की तलाश जैसे महत्वपूर्ण सवाल शामिल हैं।
प्रवास और स्वास्थ्य:
जन्म स्थान, प्रवास के कारण, पिछले प्रवास से वर्तमान निवास की अवधि और कोविड-19 टीकाकरण की स्थिति की जानकारी भी ली जाएगी।
डिजिटल व वित्तीय आधार:
सरकार ने इस बार वित्तीय और डिजिटल समावेश पर फोकस किया है, जिसके तहत बैंक खातों की संख्या, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, वोटर आईडी, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता के बारे में जानकारी मांगी जाएगी।
आगामी कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि इन आंकड़ों का उपयोग भविष्य की कल्याणकारी योजनाओं, संसाधनों के आवंटन और नीति निर्धारण में बड़े पैमाने पर किया जाएगा। अधिसूचना जारी होने के साथ ही देश भर में जनगणना की प्रशासनिक तैयारियों को गति मिलने की उम्मीद है।






