कैबिनेट की अहम बैठक आज – कर्मचारियों को DA और एरियर के फैसले का इंतजार, क्या पूरा होगा ‘मोदी की गारंटी’ का वादा? केबिनेट धान खरीदी, राज्योत्सव आयोजन पर होगी चर्चा
छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों का मानना है कि ऐसे वादों का क्या अर्थ है जो पूरे नहीं किए गए। समय रहते सरकार(संगठन) ने जो कहा है वह पूरे करने चाहिए अन्यथा क्या मतलब है ऐसी चुनावी गारंटी का , राज्य के पौने पांच लाख कर्मचारियों का मानना है कि सरकार ने उन्हें अब तक निराश ही किया है। प्रमुख विषय: आगामी धान खरीदी सीजन के साथ-साथ 1 से 3 नवंबर तक होने वाले राज्योत्सव 2026 की तैयारियों और राज्य स्तरीय अलंकरण पुरस्कारों के आवेदनों की समीक्षा व चर्चा।
रायपुर प्रवक्ता. कॉम 27 अक्टूबर 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है। त्योहारी सीजन के बीच हो रही इस कैबिनेट बैठक पर प्रदेश के लाखों शासकीय सेवकों और पेंशनभोगियों की निगाहें टिकी हुई हैं। कर्मचारी संगठनों को उम्मीद है कि सरकार इस बैठक में केंद्र के समान महंगाई भत्ते (DA) और लंबे समय से लंबित बकाया एरियर के भुगतान पर मुहर लगाकर राहत का ऐलान कर सकती है।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें
छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों का मानना है कि ऐसे वादों का क्या अर्थ है जो पूरे नहीं किए गए। समय रहते सरकार को जो कहा है वह पूरे करने चाहिए। अन्यथा की मतलब की है चुनावी गारंटी उनके। राज्य के पौने पांच लाख कर्मचारियों का मानना है कि सरकार ने उन्हें अब तक निराश ही किया है।
केंद्र के समान DA: राज्य के कर्मचारियों को केंद्र सरकार के समान दर पर जनवरी 2026 से देय 2 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता तत्काल स्वीकृत किया जाए।
लंबित एरियर का एकमुश्त भुगतान: पिछली देय तिथियों से रोके गए महंगाई भत्ते के एरियर की राशि का त्वरित भुगतान किया जाए।
कैशलेस स्वास्थ्य योजना
प्रदेश के शासकीय सेवकों और उनके आश्रितों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा को अविलंब लागू किया जाए।
’मोदी की गारंटी’ और बढ़ते वित्तीय दबाव पर सवाल
विधानसभा चुनाव के दौरान घोषित ‘मोदी की गारंटी’ में राज्य के कर्मचारियों को केंद्रीय दर पर समयबद्ध महंगाई भत्ता और वित्तीय लाभ देने का वादा किया गया था। सरकार के गठन के बाद से ही विभिन्न कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन अपनी मांगों को लेकर लगातार ज्ञापन सौंप रहे हैं।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण आम कर्मचारियों और पेंशनरों के आर्थिक बजट पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। संगठनों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि इस बैठक में उनकी मांगों पर ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे चरणबद्ध आंदोलन और प्रशासनिक घेराव के लिए बाध्य होंगे।
क्या हो सकते हैं आज के संभावित निर्णय?
महंगाई भत्ता (DA)कर्मचारियों को राहत देने के लिए 2% DA बढ़ाने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने की प्रबल संभावना।
एरियर भुगतान
एरियर भुगतानवित्त विभाग द्वारा तैयार बजटीय खाके के आधार पर एरियर के किश्तों में आवंटन पर चर्चा संभव।
जनहितकारी नीतियांकर्मचारी कल्याण के साथ-साथ राज्य की विकास योजनाओं और प्रशासनिक प्रस्तावों पर निर्णय।
धान खरीदी –
छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 15 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक की जाएगी। केबिनेट में इसकी तैयारियों पर चर्चा और निर्णय लिए जा सकते हैं।
राज्योत्सव के आयोजन
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर 2026 को होने वाली बैठक में में राज्योत्सव की तैयारियों और राज्य अलंकरण पुरस्कारों के आवेदनों पर चर्चा की जा सकती है। इस वर्ष के राज्योत्सव में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
27 अक्टूबर की यह साय कैबिनेट बैठक प्रदेश के प्रशासनिक अमले के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। अब देखना यह होगा कि क्या राज्य सरकार कर्मचारियों की बहुप्रतीक्षित मांगों को पूरा कर चुनावी वादों पर खरी उतरती है, या कर्मचारियों को राहत के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा






