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उपचार की औपचारिकता पूरी कर वन विभाग ने बायसन को जंगल में छोड़ा चिकित्सकीय सलाह के आधार पर विभाग आगे निर्णय लेगा इंसान होता तो बताता ठीक है या नहीं !

जवाबदेही तो ठीक है होनी चाहिए पर इंसानियत तो सबसे ज्यादा जरूरी है वन भैंसे की हालत तो दिख ही रहा है कि वो ठीक नहीं है , अच्छे से चलने फिरने की स्थिति भी नहीं है

कबीरधाम/पंडरिया प्रवक्ता.कॉम 28 मार्च 2026

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पंडरिया-नगर से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर घायल बायसन पिछले सप्ताह भर से विचरण कर रहा है।विगत दिनों कुछ शिकारियों ने इसे गंभीर चोट पहुंचाई थी।जिसका उपचार कर वन विभाग द्वारा पुनः बायसन को जंगल में छोड़ा गया है।लेकिन यह बायसन सफर करने लायक नहीं है।दाहिने तरफ के सामने पैर में चोट लगने ले कारण यह नहीं चल पा रहा है।पिछले चार दिनों में यह केवल दो से तीन किलोमीटर चल पाया है।पैर में चोट के कारण यह ज्यादा मूवमेंट नहीं कर रहा है।पिछले तीन दिन से क्रांति जलाशय के आस-पास सगौना के जंगल मे विचरण कर रहा है।
सुरक्षा पर संदेह– घायल होने के वजह से यह बायसन लंगड़ाकर चल रहा है।जिससे इसके सुरक्षित रहने पर संदेह बना हुआ है।हालांकि वन विभाग की टीम लगातार इसकी निगरानी कर रही है।लेकिन केवल निगरानी करने से इसे सुरक्षित नहीं रखा जा सकता है।क्योंकि बायसन आगे नहीं बढ़ रहा है,आखिर कब तक वन विभाग इसकी निगरानी करेगा।बायसन के कमजोर होने का फायदा उठाकर अन्य हिंसक जीव अथवा शिकारियों द्वारा नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
लिफ्ट कर ले जाने की जरूरत– घायल होने की वजह स्व बायसन ज्यादा सफर नहीं कर पा रहा है,50 मीटर चलने के बाद रुक जाता है। इसे इसके रहवास भोरमदेव अभ्यारण्य या अचानकमार अभ्यारण्य के रिजर्व क्षेत्र में लिफ्ट कर ले जाने की जरूरत है,जहां यह अपने झुंड के साथ सुरक्षित अनुभव कर सके।इससे पूर्व इसके उपचार की भी जरूरत है,जिसे कानन पेंडारी या अन्य स्थान पर रखकर किया जा सकता है।इसे इस क्षेत्र के खुले जंगल मे छोड़ना खतरनाक साबित हो सकता है।

एसडीओ फॉरेस्ट ने बताया

वन विभाग द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है।पैर का उपचार किया गया है।कुछ दिनों में ठीक हो जाएगा।सोमवार को डॉक्टर की टीम निरीक्षण करने पहुंचेगी।जिसके दिशा निर्देश व परामर्श पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।”
सुयषधर दिवान,एसडीओ,वन विभाग पंडरिया

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