आरएसएस की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक बेलगावी में संपन्न: जनसांख्यिकी असंतुलन और ड्रग्स पर चिंता, राम मंदिर दानपेटी अनियमितता पर जताया दुख

12 जुलाई 2026
बेलगावी (कर्नाटक): प्रवक्ता.कॉम
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की वार्षिक अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक आज कर्नाटक के बेलगावी में संपन्न हो गई। 10 से 12 जुलाई 2026 तक चली इस तीन दिवसीय बैठक में पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और माननीय सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित देशभर के 226 प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक में संघ के प्रशिक्षण वर्गों की समीक्षा के साथ-साथ देश के वर्तमान परिदृश्य और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर गंभीर मंथन किया गया।
जनसांख्यिकी असंतुलन और ड्रग्स के बढ़ते जाल पर चिंता
बैठक में वर्तमान सामाजिक और राष्ट्रीय परिदृश्य के कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई:
जनसांख्यिकी असंतुलन: बैठक में आगामी जनगणना के संदर्भ में जानकारी साझा की गई और देश में जनसांख्यिकी असंतुलन (Demographic Imbalance) से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों पर चिंता व्यक्त की गई।
नशा मुक्ति को प्राथमिकता: युवाओं में ड्रग्स के बढ़ते दुष्प्रभाव पर गहरी चिंता जताते हुए संघ ने समाज में नशा मुक्ति के लिए प्राथमिकता के आधार पर प्रयास करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
संत रविदास जयंती: संत शिरोमणि रविदास महाराज जी के 650वें जन्म जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले देशव्यापी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श हुआ।
राम मंदिर दानपेटी अनियमितता पर जताया दुख, SIT जांच पर जताया भरोसा
बैठक में अयोध्या स्थित श्री रामजन्मभूमि मंदिर में दानपेटी के चढ़ावे की गिनती में हुई अनियमितता की हालिया घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया गया। संघ ने विश्वास जताया कि तीर्थक्षेत्र न्यास के निवेदन पर चल रही एसआईटी (SIT) और पुलिस की कार्रवाई जल्द ही किसी निर्णायक मोड़ पर पहुंचेगी। इसके साथ ही, संघ ने तीर्थक्षेत्र न्यास से यह अपेक्षा की है कि वह भविष्य में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करे जिससे राम भक्तों की अगाध श्रद्धा और आस्था पर कोई आघात न हो।
शताब्दी वर्ष और शाखा विस्तार की समीक्षा
बैठक में संघ कार्य की प्रगति और आगामी संगठनात्मक लक्ष्यों को लेकर भी कई अहम निर्णय लिए गए:
प्रशिक्षण वर्गों की समीक्षा: मार्च 2026 के बाद देश भर में कुल 83 संघ शिक्षा वर्ग और 12 कार्यकर्ता विकास वर्ग संपन्न हुए। इनमें 18,842 स्वयंसेवकों ने शाखा संचालन, ग्राम विकास, कुटुम्ब प्रबोधन, आपदा प्रबंधन और पर्यावरण जैसे विषयों का प्रशिक्षण लिया।
शाखा विस्तार योजना: आगामी सितंबर महीने में देश भर में अधिकतम शाखा विस्तार करने की योजना बनाई गई है।
पंच परिवर्तन पर जोर: संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान संपर्क में आए नए लोगों को सामाजिक कार्यों और ‘पंच परिवर्तन’ (सामाजिक समरसता, पर्यावरण, कौटुंबिक चेतना, नागरिक कर्तव्य और स्वदेशी) के विषयों में सक्रिय करने की रणनीति तय की गई।
सरसंघचालक जी का प्रवास: बैठक में पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी के वर्ष 2026-27 के आगामी देशव्यापी प्रवास की योजना को भी अंतिम रूप दिया गया।





