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UCC लागू करने की दिशा में बढ़ा छत्तीसगढ़ , सीएम ने क्या कहा सुनें ! अधिसूचना जारी जानें किसे मिली जिम्मेदारी ?

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रायपुर प्रवक्ता. कॉम 25 जून 2026

​छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने और इसका प्रारूप (ड्राफ्ट) तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सामान्य प्रशासन विभाग (मंत्रालय) द्वारा जारी अधिसूचना (क्रमांक GENCOR/13235/2026-GAD-6) के अनुसार, राज्य शासन ने इसके लिए एक उच्च स्तरीय पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है।


​समिति की संरचना
​इस विशेष समिति की कमान सेवानिवृत्त महिला न्यायाधीश को सौंपी गई है। समिति में शामिल सदस्य इस प्रकार हैं:
​माननीय न्यायमूर्ति (से.नि.) रंजना प्रकाश देसाई – अध्यक्ष
​श्री शत्रुघ्न सिंह (से.नि.भा.प्र.से.) – सदस्य
​श्री एम.के. राउत (से.नि.भा.प्र.से.) – सदस्य
​श्री मोहन पवार (वरिष्ठ अधिवक्ता) – सदस्य
​श्रीमती ज्योति रानी सिंह (से.नि.प्राचार्या) – महिला सदस्य
​क्या होंगे समिति के मुख्य कार्य
?
​जारी अधिसूचना के अनुसार, इस नवगठित समिति को व्यापक जिम्मेदारी सौंपी गई है। समिति मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर कार्य करेगी:
​विधिक स्थिति का अध्ययन:

छत्तीसगढ़ राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने के संबंध में वर्तमान कानूनी और विधिक स्थिति का गहन अध्ययन करना।
​प्रमुख विषयों पर सुझाव:

विवाह, तलाक, भरण-पोषण (गुजारा भत्ता), उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण (गोद लेना) और इनसे संबंधित अन्य विषयों पर समान नागरिक संहिता के लिए अपने सुझाव देना।
​जनभागीदारी और परामर्श:

राज्य के नागरिकों, सामाजिक संगठनों, कानूनी विशेषज्ञों और अन्य संबंधित हितधारकों (stakeholders) से मुलाकात कर उनके सुझाव व आपत्तियां प्राप्त करना।
​अन्य राज्यों का अध्ययन: जिन अन्य राज्यों में समान नागरिक संहिता से संबंधित व्यवस्थाएं प्रचलित या प्रक्रियाधीन हैं, वहां के मॉडलों का अध्ययन करना।
​प्रारूप तैयार करना: सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श करने के बाद समान नागरिक संहिता (UCC) का एक अंतिम प्रारूप तैयार कर राज्य सरकार को सौंपना।
​प्रशासनिक अनुशंसाएं: कानून को सुचारू रूप से लागू करने के लिए आवश्यक विधायी और प्रशासनिक सिफारिशें (अनुशंसाएं) प्रस्तुत करना।
क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?
​छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में इस समिति का गठन एक बेहद महत्वपूर्ण मोड़ है। सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में यह समिति राज्य की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधताओं को ध्यान में रखते हुए कानून का मसौदा तैयार करेगी, जिससे सभी नागरिकों के लिए पारिवारिक और व्यक्तिगत कानूनों में एकरूपता लाई जा सके।

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