बलौदाबाजार वनमंडल में ‘सांपों के साथ सह-अस्तित्व’ कार्यशाला का आयोजन: वन अमले और युवाओं को मिला सर्प रेस्क्यू का व्यावहारिक प्रशिक्षण
बलौदाबाजार वनमंडल द्वारा सोनबरसा वन विहार में एक अभिनव पहल के तहत ‘सांपों के साथ सह-अस्तित्व : स्नेक रेस्क्यू एंड अवेयरनेस वर्कशॉप-2026’ का सफल आयोजन किया गया। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के विजन और उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सांपों को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना और मानव-सर्प संघर्ष को कम करना था।

रायपुर, प्रवक्ता.कॉम 27 जुलाई 2026
वन्यजीव संरक्षण और जनजागरूकता की दिशा में बलौदाबाजार वनमंडल द्वारा सोनबरसा वन विहार में एक अभिनव पहल के तहत ‘सांपों के साथ सह-अस्तित्व : स्नेक रेस्क्यू एंड अवेयरनेस वर्कशॉप-2026’ का सफल आयोजन किया गया। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के विजन और उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सांपों को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना और मानव-सर्प संघर्ष को कम करना था।
कार्यशाला की मुख्य विशेषताएं और प्रशिक्षण

वैज्ञानिक दृष्टिकोण:
कार्यशाला के प्रथम सत्र में विशेषज्ञों ने विषैले और अविषैले सांपों की पहचान, उनके व्यवहार तथा पारिस्थितिकी तंत्र में चूहों व कीटों को नियंत्रित करने की उनकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
व्यावहारिक प्रदर्शन:
सोनबरसा वन विहार में आयोजित दूसरे सत्र के दौरान विशेषज्ञों द्वारा लाइव सर्प रेस्क्यू का प्रदर्शन किया गया। प्रतिभागियों को रेस्क्यू उपकरणों के सुरक्षित उपयोग और सांपों को बिना नुकसान पहुँचाए प्राकृतिक आवास में छोड़ने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
विशेषज्ञ मार्गदर्शन:
कार्यशाला में फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी (FES) छत्तीसगढ़ की स्टेट लीड डॉ. मंजीत कौर बाल, शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज बेरला के मैकेनिकल विभागाध्यक्ष डॉ. जगपाल सिंह बाल, तथा FES के प्रोजेक्ट मैनेजर श्री नरेंद्र कुमार यादव, श्री अंचल ठाकुर और श्री मानव राज ने संसाधन व्यक्तियों के रूप में महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
सहभागिता और संकल्प
इस कार्यशाला में बलौदाबाजार वनमंडल के विभिन्न वन परिक्षेत्रों के अधिकारी, कर्मचारी, सुरक्षा श्रमिक और ‘युवान (YUVAN)’ वॉलंटियर्स ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
वनमंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर का संदेश:
सांप प्रकृति और पारिस्थितिकी तंत्र का अहम हिस्सा हैं। उनके प्रति वैज्ञानिक समझ और जागरूकता विकसित करके ही मानव-सर्प संघर्ष को प्रभावी ढंग से कम किया जा सकता है। ऐसे कार्यक्रम वन अमले की क्षमता बढ़ाने के साथ समाज में सकारात्मक सोच विकसित करते हैं।”
कार्यक्रम के सफल आयोजन में वन विभाग और फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी (FES) के बीच बेहतरीन समन्वय देखने को मिला, जिसमें बलौदाबाजार की वन परिक्षेत्र अधिकारी सुश्री एकता कर और उनके समस्त स्टाफ का विशेष योगदान र





