छत्तीसगढ़ में संविलियन के साथ बनाए गए शिक्षकों के एलबी कैडर को खत्म कर सकती है सरकार राजपत्र के प्रकाशन की तैयारी

रायपुर प्रवक्ता.कॉम 31 दिसंबर 2025
छत्तीसगढ़ में संविलयन के बाद शिक्षा विभाग में आए शिक्षकों को नए साल में सरकार एल बी कैडर का टैग हटा सकती है।
इस आशय के संबंध में स्कूल शिक्षा सचिवालय से कवायद भी प्रारंभ हो चुकी है । राज्य में डॉ रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में पंचायत विभाग में कार्यरत पंचायत शिक्षकों का संविलयन शिक्षा विभाग के शासकीय शिक्षक के समकक्ष पदों पर किया गया था। पूरे प्रदेश में 1 जुलाई 2018 से इनकी सेवाओं का नियंत्रण शिक्षा विभाग के रेगुलर कर्मचारियों के लिए तय वेतनमान पर किया गया।
लेकिन इनकी वरिष्ठता ,पदोन्नति, वेतन निर्धारण एवं अन्य सुविधाओं के निर्धारण के लिए पृथक से एक कैडर बना दिया गया । जिसे एल बी संवर्ग का नाम दिया गया।
शिक्षक संगठनों ने की थी मांग–
संविलयन के बाद भी शिक्षकों के पदनाम के बाद अलग से एल बी संवर्ग का कैडर लिखा जाता है ,जिससे अभी भी पंचायत विभाग से संविलयन होकर आए शिक्षकों को एल बी कैडर लिखना व्यावहारिक नहीं लगता है । यह एक तरह का दोयम दर्जे की तरह से है। जिसे खत्म करने के लिए छत्तीसगढ़ में अलग अलग शिक्षक संगठनों ने मांग भी की थी।
खत्म करने की बड़ी वजह – शिक्षा विभाग का मूल कैडर अब हर साल शिक्षकों के रिटायर मेंंट के चलते छोटा होते जा रहा है। लिहाजा एल बी संवर्ग के खत्म किया जाना विभागीय आवश्यकता हो सकती है। एल बी संवर्ग के पृथक कैडर के खत्म होने से शिक्षकों के वरिष्ठता निर्धारण एक साथ होगा। जिससे पदोन्नति , क्रमोन्नति, समयमान की गणना भी एक ही कैडर में होगी।
2018 में हुआ था संविलयन , कई निर्देश हुए थे जारी



छत्तीसगढ़ सरकार ने 18 जून 2018 को पंचायत और नगरीय निकाय के 1.5 लाख शिक्षाकर्मियों को स्कूल शिक्षा विभाग में विलय करने का निर्णय लिया, ताकि उन्हें वेतनमान, भत्ते और पदोन्नति के लाभ मिल सकें।
पहला चरण: 1 जुलाई 2018 से 8 साल की सेवा पूरी कर चुके 1.03 लाख शिक्षकों का संविलियन हुआ।
दूसरा चरण (2020): 2 साल या उससे अधिक की सेवा अवधि वाले शेष 16,278 शिक्षाकर्मियों का संविलियन 1 नवंबर 2020 से किया गया, जिसके आदेश जारी हुए।
लाभ: संविलियन के बाद शिक्षाकर्मियों को नियमित शिक्षकों के समान वेतन, भत्ते, पदोन्नति और अन्य सुविधाएं मिलनी शुरू हुईं।





