सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: अदालत में जज की जगह नहीं ले सकता AI, फैसले सुनाने और जमानत देने पर पूर्ण प्रतिबंध”

प्रवक्ता.कॉम नई दिल्ली | 5 जून 2026
आज सुप्रीम कोर्ट में कई महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई हुई और बड़े कदम उठाए गए। इनमें से सबसे बड़ा और ऐतिहासिक कदम भारतीय अदालतों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को लेकर जारी की गई गाइडलाइंस है। इसके अलावा असम डिटेंशन सेंटर और खेल जगत (विनेश फोगाट विवाद) से जुड़े मामलों में भी कोर्ट ने अहम फैसले सुनाए हैं।
ऐतिहासिक कदम: अदालतों में AI के इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट के कड़े नियम
सुप्रीम कोर्ट की AI कमेटी ने भारतीय न्यायपालिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के रेगुलेशन के लिए आज एक बेहद महत्वपूर्ण ड्राफ्ट नियमावली जारी की है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि AI केवल सहायता के लिए है, वह इंसान (जज) की जगह नहीं ले सकता।
मुख्य बिंदु:
ब्लैक बॉक्स AI पर बैन: ऐसे किसी भी AI सिस्टम का इस्तेमाल कोर्ट में नहीं होगा जिसकी कार्यप्रणाली पारदर्शी न हो और जो यह न समझा सके कि उसने निष्कर्ष कैसे निकाला।
फैसले सुनाने पर पूर्ण प्रतिबंध: AI का उपयोग जजों द्वारा अंतिम निर्णय लेने, सजा तय करने या जमानत (Bail) का फैसला करने के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
प्रोफाइलिंग और प्रेडिक्शन पर रोक: कोर्ट में शामिल किसी भी गवाह, वकील या आरोपी के व्यवहार का अंदाजा (Predictive Profiling) लगाने के लिए AI का उपयोग नहीं किया जा सकता।
पारदर्शिता अनिवार्य: यदि कोई वकील या याचिकाकर्ता अपनी याचिका, दस्तावेज या सबूत तैयार करने में AI टूल की मदद लेता है, तो उसे कोर्ट को इसकी जानकारी लिखित घोषणा के जरिए पहले ही देनी होगी।





