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डिजिटल जनगणना के पहले चरण में ​74 लाख से अधिक घरों तक पहुंचे गणना कर्मियों के कदम HLO ऐप पर अब नहीं होगी कोई एंट्री

​छत्तीसगढ़ जनगणना संचालन निदेशालय के अनुसार, 1 मई से 30 मई तक चले इस महीने भर के जमीनी अभियान के दौरान 51,300 से अधिक प्रगणक (enumerators) और 9,000 पर्यवेक्षकों ने राज्य के कोने-कोने में जाकर 74 लाख से अधिक सक्रिय परिवारों तक अपनी पहुंच बनाई। राज्य में कुल 48,742 गणना ब्लॉक बनाए गए थे, जिसके आधार पर प्रदेश में कुल मकानों की संख्या 80 लाख से अधिक होने का अनुमान है,

रायपुर प्रवक्ता.कॉम 1 जून 2026

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छत्तीसगढ़ में देश की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना( 2027) का पहला चरण 30 मई 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। ‘मकान सूचीकरण और आवास गणना’ के इस चरण में राज्य प्रशासन ने तकनीक का इस्तेमाल कर एक नया रिकॉर्ड कायम किया है

74 लाख से अधिक घरों तक पहुंचे गणनाकर्मियों के कदम
​छत्तीसगढ़ जनगणना संचालन निदेशालय के अनुसार, 1 मई से 30 मई तक चले इस महीने भर के जमीनी अभियान के दौरान 51,300 से अधिक प्रगणक (enumerators) और 9,000 पर्यवेक्षकों ने राज्य के कोने-कोने में जाकर 74 लाख से अधिक सक्रिय परिवारों तक अपनी पहुंच बनाई। राज्य में कुल 48,742 गणना ब्लॉक बनाए गए थे, जिसके आधार पर प्रदेश में कुल मकानों की संख्या 80 लाख से अधिक होने का अनुमान है, जिनका 92% से अधिक डेटा डिजिटल रूप से लॉक किया जा चुका है।
आंकड़े व जानकारी
कुल तैनात प्रशासनिक अमला 62,500 से अधिक कर्मचारी (अधिकारी, प्रगणक और सुपरवाइजर)
कवर किया गया क्षेत्र 33 जिले, 195 नगरीय निकाय और 19,978 गांव
पूछे गए मुख्य सवाल प्रति परिवार 33 सवाल (मकान की स्थिति, बिजली, पानी, शौचालय, और घरेलू संपत्ति)
स्व-गणना (Self-Enumeration) 16-30 अप्रैल के बीच 1.37 लाख से अधिक परिवारों ने खुद ऑनलाइन डेटा भरा
औसत समय ऐप के जरिए एक परिवार की एंट्री में 15 से 20 मिनट का समय लगा
क्यों खास रही यह जनगणना?
​पूरी तरह पेपरलेस: आजादी के बाद की यह 8वीं और देश की 16वीं जनगणना है, लेकिन यह पहली बार है जब कागजी फॉर्म की जगह विशेष मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग कर डेटा सीधे सर्वर पर अपलोड किया गया।
​स्व-गणना का विकल्प: नागरिकों को खुद ऑनलाइन जानकारी भरने की छूट दी गई थी, जिससे उन्हें 11-डिजिट का SE ID मिला। प्रगणकों ने घर जाकर केवल उस आईडी को वेरीफाई किया, जिससे समय की भारी बचत हुई।
​सुरक्षा और गोपनीयता की गारंटी: अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ और जनगणना निदेशक डॉ. कार्तिकेय गोयल ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों द्वारा दिया गया डेटा पूरी तरह सुरक्षित है। इस डेटा का उपयोग किसी भी टैक्स जांच, पुलिस कार्रवाई या अदालती कार्यवाही में साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकता। यहाँ तक कि यह RTI के दायरे से भी बाहर है।
​अगला कदम: फरवरी 2027 में दूसरा चरण
​पहले चरण में मकानों और बुनियादी सुविधाओं का डेटाबेस तैयार होने के बाद, अब असली जनसंख्या गणना का दूसरा चरण 1 फरवरी 2027 से शुरू होगा। इस चरण में प्रगणक दोबारा हर घर जाएंगे और परिवार के प्रत्येक सदस्य की व्यक्तिगत जानकारी जैसे- नाम, उम्र, शिक्षा, भाषा, धर्म, रोजगार और जातिगत डेटा दर्ज करेंगे।
​जनगणना से जुड़े किसी भी सवाल या शिकायत के लिए सरकार द्वारा जारी टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 लगातार काम कर रहा है।

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