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एक ऐप डाउनलोड कीजिए और मोबाइल गुम होने पर झट से पाइये !केंद्रीय संचार मंत्री ने क्या कहा जानिए : संचार साथी पोर्टल ने रचा इतिहास: एक ही महीने में बरामद हुए 75,000 से अधिक गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन

नई दिल्ली, 28 अगस्त 2026:

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केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने दूरसंचार विभाग (DoT) की प्रमुख नागरिक-केंद्रित पहल ‘संचार साथी’ की एक ऐतिहासिक उपलब्धि की पुरजोर सराहना की है। इस मंच ने पहली बार पूरे देश में महज एक ही महीने के भीतर 75,000 से अधिक गुम और चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट बरामद करने में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है।

​श्री सिंधिया ने दूरसंचार विभाग, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (TSPs) और देश के विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस के बीच बेहतरीन तालमेल की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता टेक्नोलॉजी आधारित गवर्नेंस और नागरिक सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण है।

​बरामदगी में तेजी लाने के लिए किए गए प्रमुख सुधार:

​संचार प्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए हितधारकों से मिले फीडबैक के आधार पर निम्नलिखित महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं:

पुलिस स्टेशन की जानकारी: नागरिकों को एसएमएस, ईमेल और पोर्टल/ऐप के माध्यम से ट्रेसिबिलिटी रिपोर्ट में संबंधित पुलिस स्टेशन का नाम आसानी से उपलब्ध कराया जाता है।

सिम कार्ड का विवरण: बरामदगी की संभावना को और अधिक बढ़ाने के लिए, गुम या चोरी हुए फोन में डाले गए नए सिम कार्ड का विवरण और वैकल्पिक मोबाइल नंबर स्थानीय पुलिस अधिकारियों के साथ साझा किया जाता है।

सुरक्षा निर्देश: संदिग्ध मैलवेयर या सुरक्षा खतरों से बचाव के लिए बरामद फोन को वापस मिलने पर ‘फ़ैक्टरी रीसेट’ करने की सलाह भी एसएमएस के जरिए नागरिकों को दी जाती है।

​शानदार आंकड़े और मजबूत समन्वय

​दूरसंचार विभाग की डिजिटल इंटेलिजेंस यूनिट (DIU), लाइसेंस सेवा क्षेत्रों (LSAs) और राज्य पुलिस बलों के आपसी सहयोग का परिणाम यह रहा है कि अप्रैल 2025 से जुलाई 2026 के बीच मासिक मोबाइल बरामदगी में 201 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई है।

​आप कैसे लाभ उठा सकते हैं?

​यदि आपका भी कोई मोबाइल फोन गुम या चोरी हो गया है, तो आप नीचे दिए गए आसान चरणों का पालन कर सकते हैं:

रिपोर्ट दर्ज करें: अधिकारिक वेबसाइट www.sancharsaathi.gov.in या इसके आधिकारिक मोबाइल ऐप पर जाएं।

ब्लॉकिंग: पोर्टल पर शिकायत दर्ज होते ही उस मोबाइल हैंडसेट को भारतीय दूरसंचार नेटवर्क पर ब्लॉक कर दिया जाता है, जिससे उसका दुरुपयोग रोका जा सके।

ट्रैकिंग:

ब्लॉक किए गए फोन में यदि कोई नया सिम इस्तेमाल करने की कोशिश की जाती है, तो नेटवर्क उसे तुरंत ट्रेस कर लेता है और इसकी सूचना पुलिस व मालिक को मिल जाती है।

​यह स्वदेशी प्लेटफॉर्म नागरिकों की डिजिटल परिसंपत्तियों की सुरक्षा और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित हो रहा है।

केंद्रीय दूर संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक्स पर इस संबंध में पोस्ट कर लिखा

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