PRASHAST 2.0: लापरवाही पर कड़ा रुख, 2 दिनों में 100% शिक्षक प्रशिक्षण पूर्ण करने का अल्टीमेटम अशासकीय स्कूलों पर हो सकती है बड़ी कार्यवाही !

जिला शिक्षा अधिकारी का कड़ा आदेश: लक्ष्य पूरा न होने पर प्राचार्यों व शिक्षकों की होगी व्यक्तिगत पेशी
विशेष संवाददाता, रायपुर: प्रवक्ता.कॉम
30 सितम्बर 2026
समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित ‘PRASHAST 2.0’ (प्रशस्त 2.0) कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान जिले में धीमी प्रगति पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) रायपुर ने शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल न होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिले के सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल एवं मदरसा प्रमुखों को अंतिम चेतावनी जारी की है।
कार्यालय, कलेक्टर एवं पदेन जिला मिशन संचालक (समग्र शिक्षा), रायपुर द्वारा जारी आदेश


(क्रमांक/SS/946/समा.शिक्षा/2026-27) के अनुसार, प्रशस्त 2.0 ऐप में ऑनबोर्डिंग, शिक्षक सहभागिता (Engagement) तथा ‘No View Schools’ की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं देखा गया है। निरंतर पत्राचार और वर्चुअल बैठकों के बावजूद शत-प्रतिशत परिणाम प्राप्त न होने पर प्रशासन ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया है।
मुख्य निर्देश एवं कार्ययोजना:
शिक्षकों का Completion: शाला में ऑनबोर्डेड/इंगेज्ड शिक्षकों का लंबित वेरिफिकेशन तत्काल पूर्ण कराया जाए।
No View Schools की जांच: ‘No View Schools’ रिपोर्ट में प्रदर्शित विद्यालयों के संस्था प्रमुख (Principal/HM) ऐप में स्थिति की जांच कर आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करें।
UDISE व HM Sign-up सत्यापन: जिन शालाओं में Principal/HM Sign-up या School Verification लंबित है, वहां UDISE में Head of School/Teacher Profile की जानकारी का सत्यापन कर सुधार किया जाए।
10 वीडियो प्रशिक्षण अनिवार्य: जिन शिक्षकों का निर्धारित Teacher Video/Training Completion लंबित है, वे तत्काल १० प्रशिक्षण वीडियो देखकर प्रक्रिया पूरी करें।
तकनीकी समस्या समाधान: Login, OTP, App या Screening संबंधी समस्याओं का विवरण विकासखण्ड स्तर पर उपलब्ध कराकर BRP एवं स्पेशल एजुकेटर से समन्वय कर समाधान प्राप्त करें।
अंतिम चेतावनी व समयसीमा:
“०2 दिवस के भीतर प्रशस्त एप्प में 100% शिक्षक वीडियो देखकर प्रशिक्षण पूर्ण करें। ०२ दिवस पश्चात लक्ष्य पूर्ण न होने की स्थिति में संबंधितों को जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर कारण स्पष्ट करना होगा।”





