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एआई की दुनिया में रचा इतिहास– ऋपित बंसल को मेटा से मिला 800 करोड़ रुपये का पैकेज सोचकर जवाब देने की काबिलियत इन्होंने AI को दी

​ओपनएआई में रहते हुए उन्होंने बहुचर्चित 'o1 रीज़निंग मॉडल' (जिसे 'प्रोजेक्ट स्ट्रॉबेरी/क्यू' भी कहा गया) के विकास में बुनियादी योगदान दिया। उनके शोध का मुख्य ध्यान इस बात पर था कि एआई मॉडल केवल उत्तर देने की बजाय जवाब देने से पहले गहराई से सोचना सीखे। उन्होंने ओपनएआई के पूर्व चीफ साइंटिस्ट इल्या सुतस्केवर के साथ भी काम किया।

​नई दिल्ली

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प्रवक्ता.कॉम

​आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में भारतीय प्रतिभा ने एक बार फिर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। ओपनएआई (OpenAI) के चर्चित ‘o1’ रीज़निंग मॉडल की नींव रखने में अहम भूमिका निभाने वाले शोधकर्ता ऋपित बंसल को मेटा (Meta) की महत्वाकांक्षी ‘सुपरइंटेलीजेंस’ टीम में शामिल किया गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मेटा ने ऋपित को लगभग 800 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक सैलरी पैकेज ऑफर किया है।

​आईआईटी कानपुर से शुरू हुआ सफर

​ऋपित बंसल का शैक्षणिक सफर साल 2007 में आईआईटी कानपुर से शुरू हुआ, जहाँ उन्होंने 2012 तक गणित और सांख्यिकी (Mathematics and Statistics) में पाँच वर्षीय इंटीग्रेटेड डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने बैंगलोर स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) की मशीन लर्निंग लैब में रिसर्च असिस्टेंट के रूप में कार्य किया।

​आगे की पढ़ाई के लिए वह अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स एमहर्स्ट चले गए, जहाँ उन्होंने कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स और पीएचडी (2021) की उपाधि प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने फेसबुक, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी शीर्ष तकनीकी कंपनियों की प्रयोगशालाओं में रिसर्च इंटर्नशिप भी की।

​कंसल्टिंग से एआई रीज़निंग तक का मार्ग

​अकादमिक शोध में जाने से पूर्व ऋपित ने 2012-2013 में गुरुग्राम स्थित एक्सेंचर में विश्लेषक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। जनवरी 2022 में उन्होंने बतौर शोधकर्ता ओपनएआई (OpenAI) जॉइन किया।

​ओपनएआई में रहते हुए उन्होंने बहुचर्चित ‘o1 रीज़निंग मॉडल’ (जिसे ‘प्रोजेक्ट स्ट्रॉबेरी/क्यू’ भी कहा गया) के विकास में बुनियादी योगदान दिया। उनके शोध का मुख्य ध्यान इस बात पर था कि एआई मॉडल केवल उत्तर देने की बजाय जवाब देने से पहले गहराई से सोचना सीखे। उन्होंने ओपनएआई के पूर्व चीफ साइंटिस्ट इल्या सुतस्केवर के साथ भी काम किया।

​अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर शोध की धूम

​अपने शोध करियर के दौरान उन्होंने मशीन लर्निंग और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक शोध पत्र प्रस्तुत किए। उनके एक प्रसिद्ध शोध पत्र को मशीन लर्निंग सम्मेलन ‘ICLR-2018’ में सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र (Best Paper Award) का पुरस्कार मिला।

​युवाओं के लिए संदेश

​ऋपित बंसल की यह सफलता युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका मानना है कि:

सफलता के पीछे भागने के बजाय करियर के हर पड़ाव से सीखते हुए आगे बढ़ें।

विशेषज्ञता केवल अनुभव से नहीं, बल्कि विषय को गहराई से समझने से आती है।

लगातार सवाल पूछने और नई चीजें खोजने की आदत विकसित करें।

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