सुप्रीम कोर्ट की सख्त कार्रवाई: डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी पर नए निर्देश, 4 सप्ताह में एसओपी (SOP) बनाने के आदेश

दिल्ली प्रवक्ता.कॉम 05 जुलाई 2026
नई दिल्ली: आम नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट और अन्य साइबर अपराधियों की ठगी का शिकार होने से बचाने और प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आरबीआई को साइबर अपराधों से जुड़े बैंक खातों (म्यूल अकाउंट) के लिए 4 सप्ताह के भीतर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, ऐसे अपराधों को रोकने के लिए राज्य सरकारों, बैंकों, जांच एजेंसियों और अदालतों को कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमालय बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने डिजिटल अरेस्ट के स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किया।
अदालत द्वारा विभिन्न एजेंसियों को दिए गए प्रमुख दिशा-निर्देश
आरबीआई (RBI) यह करे:
चार सप्ताह में ‘म्यूल अकाउंट्स’ (दूसरे के नाम पर खोले गए खाते जिनका इस्तेमाल गलत कामों के लिए होता है) और मनी लॉन्ड्रिंग व साइबर फ्रॉड से निपटने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर जारी करे।
यह एसओपी सभी हाईकोर्ट्स के रजिस्ट्रार जनरल को सौंपी जाए।
राज्य सरकारें और जांच एजेंसियां यह करें:
शिकायत निवारण मॉड्यूल जल्द से जल्द लागू हो।
गृह मंत्रालय के निर्देश के तहत ठगी गई रकम वापस पाने के लिए ‘मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल’ जल्द शुरू हो।
’डिजिटल अरेस्ट स्कैम’ से निपटने और रिपोर्ट करने के तरीकों के बारे में लोगों को जागरूक किया जाए।
जिन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में अभी तक ‘स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर’ नहीं हैं, वहां चार सप्ताह में इसे अधिसूचित किया जाए।
I4C से मशविरा कर ‘ई-जीरो एफआईआर सिस्टम’ अपनाया जाए।
अधिकारी साइबर फ्रॉड से जुड़े वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में बैंक खाते फ्रीज करने की कार्रवाई जल्द से जल्द करें।
अदालतें यह करें:
सभी हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल साइबर फ्रॉड के मामलों में बैंक खाते फ्रीज करने से जुड़े कोर्ट और अधिकारियों के शिकायत निवारण प्रणालियों के बारे में बताएं ताकि प्रभावित लोगों को कानूनी मदद के लिए संवेदना बढ़े।
राज्यों के कानूनी सेवा प्राधिकरण से कहा
डिजिटल अरेस्ट स्कैम, साइबर अपराध, और धोखाधड़ी में गंवाई रकम वापस लेने की प्रक्रिया के बारे में जन-जागरूकता अभियान चलाएं।
धोखाधड़ी के राज्यवार और बैंकवार आंकड़े मांगे
कोर्ट ने साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों के निपटान में अधिक जवाबदेही की जरूरत बताते हुए साइबर धोखाधड़ी निवारण तंत्र के तहत दर्ज और निपटाई गई शिकायतों का राज्यवार और बैंकवार विवरण मांगा है। कोर्ट ने कहा है कि इन आंकड़ों से राज्यों और बैंकिंग संस्थानों में शिकायतों के निपटान की स्पष्ट तस्वीर मिलने की उम्मीद है। इस मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी।





