स्वामी आत्मानंद स्कूलों के शिक्षकों को मिलेगा समय पर वेतन; DDO अधिकार BEO को देने की तैयारी 3 दिन में डीपीआई ने मांगी जानकारी

रायपुर प्रवक्ता.कॉम 19 सितम्बर 2026
नवा रायपुर। प्रदेश के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में कार्यरत शासकीय शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय से वेतन भुगतान और सेवानिवृत्ति स्वत्वों में आ रही प्रशासनिक अड़चनों को दूर करने के लिए राज्य शासन ने बड़ा कदम उठाया है। अब आत्मानंद विद्यालयों का आहरण-संवितरण अधिकार (DDO Rights) संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को प्रदान किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर द्वारा इस संबंध में प्रदेश के समस्त संभागीय संयुक्त संचालकों को आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। जारी आदेश (क्रमांक: स्था.1/राज/आ.सं.अ./2026/2269) के तहत सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से अपने-अपने जिलों के स्वामी आत्मानंद स्कूलों की पूरी जानकारी निर्धारित प्रपत्र में तीन दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से मांगी गई है।


क्यों पड़ी इस फैसले की जरूरत?
संचालनालय द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान व्यवस्था में आत्मानंद विद्यालयों के शासकीय कर्मचारियों को दो मुख्य समस्याओं से जूझना पड़ रहा था:
वेतन आहरण में विलंब:
स्वतंत्र या स्पष्ट आहरण-संवितरण अधिकार न होने के कारण शिक्षकों को हर माह समय पर वेतन मिलने में परेशानी हो रही थी।
सेवानिवृत्ति भुगतानों में अड़चन:
सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य वित्तीय दावों (स्वत्वों) का समय पर निपटारा नहीं हो पा रहा था।
इन व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है कि आत्मानंद स्कूलों का वित्तीय नियंत्रण और आहरण अधिकार स्थानीय ब्लॉक स्तर पर BEO को सौंप दिया जाए।
3 दिन में मांगी गई 11 बिंदुओं की जानकारी
शासन द्वारा जारी प्रपत्र के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारियों को ब्लॉकवार यह स्पष्ट करना होगा कि:
संबंधित विकासखंड में कितने आत्मानंद स्कूल संचालित हैं।
स्कूल संचालन की स्वीकृति का आदेश और तिथि क्या है।
स्वीकृत पदों का सेटअप, कार्यरत कर्मचारियों की संख्या कितनी है।
क्या स्कूल को आत्मानंद शाला बनने से पूर्व आहरण-संवितरण अधिकार (DDO Code) प्राप्त था या नहीं।
विभाग का मानना है कि इस डेटा के संकलन के बाद BEO स्तर पर DDO अधिकार हस्तांतरित होने से कागजी प्रक्रिया में तेजी आएगी और कर्मचारियों को समय पर वेतन व वित्तीय लाभ मिल सकेंगे।





