मध्य प्रदेश में शिक्षक टीईटी का सिलेबस जारी, छत्तीसगढ़ में असमंजस: शिक्षकों में ‘क्या और कब होगा’ को लेकर बढ़ी हलचल

भोपाल/ रायपुर प्रवक्ता.कॉम 25 सितम्बर 2026
विशेष संवाददाता
मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर स्थिति साफ हो गई है। लोक शिक्षण संचालनालय (MP) ने लंबी प्रतीक्षा के बाद टीईटी परीक्षा का 30 पेज का विस्तृत नियम पुस्तिका व पाठ्यक्रम विमर्श पोर्टल पर अपलोड कर दिया है और जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं दूसरी ओर, पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के शिक्षकों के बीच प्रक्रिया को लेकर गहरा असमंजस बना हुआ है। छत्तीसगढ़ में ‘क्या होगा, कब होगा और कैसे होगा’ जैसी चर्चाओं और अटकलों का बाजार गर्म है।
मध्य प्रदेश: 150 अंकों की ऑफलाइन परीक्षा, MCQ आधारित प्रश्न
मध्य प्रदेश द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार, सेवारत शिक्षकों के लिए यह पात्रता परीक्षा ऑफलाइन आयोजित की जाएगी। 150 अंकों के प्रश्न पत्र को हल करने के लिए ढाई घंटे का समय मिलेगा। परीक्षा में सभी प्रश्न बहुविकल्पीय (MCQ) प्रकार के होंगे।
पाठ्यक्रम के मुख्य बिंदु:
भाषा एवं विषय प्रश्न:
हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू, गणित, विज्ञान आदि विषयों से कुल 120 प्रश्न पूछे जाएंगे। हिंदी व संस्कृत भाषा के 8-8 अंक, सामान्य अंग्रेजी के 5 प्रश्न, तथा सामान्य ज्ञान, तार्किक एवं आंकिक योग्यता के 7 प्रश्न होंगे।
बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र:
पेडागोजी के 10 प्रश्न रहेंगे, जिनमें बच्चे के विकास, मानसिक स्वास्थ्य, वंशानुक्रम, समाजीकरण और प्रगतिशील शिक्षा से जुड़े सवाल शामिल हैं।
विषयगत गहराई:
गणित में प्रमेय, बीजगणित, त्रिकोणमिति, पाइथागोरस प्रमेय आदि तथा इतिहास में पाषाण काल, हड़प्पा से लेकर 1857 के स्वतंत्रता संग्राम तक का पाठ्यक्रम शामिल किया गया है।
संघ ने उठाई मांग: न्यूनतम अंक 33% से 40% तय हो
मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. छत्रवीर सिंह राठौर के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले प्राथमिक, माध्यमिक और सहायक शिक्षकों को यह परीक्षा देनी है। संघ ने मांग की है कि चूंकि यह केवल एक ‘पात्रता परीक्षा’ है, न कि चयन परीक्षा, इसलिए पासिंग मार्क्स (पूर्णांक का प्राप्तांक) 33 प्रतिशत या 40 प्रतिशत ही रखा जाए।
छत्तीसगढ़ में चर्चाएं तेज़
मध्य प्रदेश में नियमावली और सिलेबस जारी होने के बाद छत्तीसगढ़ के शिक्षक वर्ग में भी सुगबुगाहट तेज हो गई है। विभागीय स्तर पर स्पष्ट निर्देश न होने के कारण शिक्षकों में इस बात को लेकर असमंजस है कि क्या छत्तीसगढ़ भी इसी तर्ज पर परीक्षा आयोजित करेगा या प्रक्रिया में कुछ बदलाव होंगे। शिक्षकों के बीच अब केवल यही सवाल तैर रहा है कि राज्य में परीक्षा का प्रारूप क्या होगा और इसकी तिथियां कब घोषित होंगी।





