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साय सरकार के विजन की केंद्र में सराहना: नीति आयोग की महानिदेशक ने थपथपाई छत्तीसगढ़ की पीठ, ‘अंजोर विजन-2047’ को सच करने मिलेगा दिल्ली का साथ। छत्तीसगढ़ में योजनाओं की मॉनिटरिंग और डेटा आधारित नीति निर्माण के कार्यों से प्रभावित हुआ भारत सरकार का नीति आयोग; योजनाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए अब IIT भिलाई और IIM रायपुर की विशेषज्ञता का मिलेगा लाभ।

रायपुर , प्रवक्ता डॉट काम,10 अक्टूबर

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छत्तीसगढ़ में विकास योजनाओं के सटीक क्रियान्वयन, पारदर्शी मॉनिटरिंग और ठोस आंकड़ों पर आधारित नीति निर्माण के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों की गूंज अब देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंच गई है। भारत सरकार के नीति आयोग के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (DMEO) की महानिदेशक निधी छिब्बर ने छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग द्वारा किए जा रहे कार्यों की जमकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने बेहद कम समय में मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन के क्षेत्र में बेहद महत्वपूर्ण और अनुकरणीय पहल की है।राजधानी रायपुर में स्टेट सपोर्ट मिशन के अंतर्गत संचालित गतिविधियों और आगामी कार्ययोजनाओं की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने की, जिसमें योजना विभाग के सचिव भुवनेश्वर यादव सहित आयोग के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

मजबूत और स्थायी मॉनिटरिंग तंत्र के लिए दिल्ली से मिलेगा पूरा सपोर्ट : महानिदेशक निधि छिब्बर ने जोर देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की योजनाओं का जमीनी स्तर पर वास्तविक परिणाम देखने के लिए एक स्थायी और सशक्त निगरानी तंत्र का होना जरूरी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार को भरोसा दिलाया कि भारत सरकार का DMEO कार्यालय इस दिशा में तकनीकी, नीतिगत और हरसंभव व्यावहारिक सहयोग प्रदान करेगा।

‘अंजोर विजन-2047’ से बदलेगी छत्तीसगढ़ की तकदीर बैठक में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक देश का एक अग्रणी विकसित राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है। ‘अंजोर विजन-2047’ के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए राज्य नीति आयोग एक सशक्त ‘थिंक टैंक’ के रूप में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब योजनाओं का प्रभाव केवल कागजों पर नहीं, बल्कि वैज्ञानिक पद्धतियों और ठोस आंकड़ों के आधार पर आंका जा रहा है ताकि सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक जरूर पहुंचे।

IIT भिलाई और IIM रायपुर की विशेषज्ञता का मिलेगा लाभ : योजना एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव भुवनेश यादव ने बैठक में एक बड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि राज्य की सरकारी योजनाओं के मूल्यांकन और उनकी गुणवत्ता को वैज्ञानिक तरीके से परखने के लिए भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) रायपुर और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) भिलाई जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों का सहयोग लिया जा रहा है। शैक्षणिक विशेषज्ञता और आधुनिक तकनीक के इस गठजोड़ से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और तेजी आएगी।

यूनिसेफ के सहयोग से बन रहा देश का अग्रणी ‘बाल कल्याण सूचकांक’ : छत्तीसगढ़ नीति आयोग बच्चों के विकास को लेकर एक बेहद संवेदनशील और अनूठी पहल कर रहा है। यूनिसेफ (UNICEF) के तकनीकी सहयोग से राज्य में बाल कल्याण सूचकांक विकसित किया जा रहा है, जो देश के गिने-चुने राज्यों की अग्रणी पहलों में से एक है। इसके जरिए बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा की ब्लॉक और जिला स्तर पर सटीक मॉनिटरिंग होगी, जिससे यह पता चल सकेगा कि किन जिलों और क्षेत्रों में बच्चों के विकास के लिए ज्यादा निवेश और ध्यान देने की जरूरत है।

जिलों के लिए विशेष SDG डैशबोर्ड और परिणाम आधारित बजट : बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य में सतत विकास लक्ष्यों (SDG) की प्रगति पर नजर रखने के लिए एक विशेष जिला स्तरीय डैशबोर्ड तैयार किया गया है। इसके जरिए हर साल प्रोग्रेस रिपोर्ट जारी की जा रही है। इसके साथ ही राज्य में सतत विकास लक्ष्यों पर आधारित बजट विश्लेषण (परिणाम आधारित बजट) की दिशा में भी बड़ी पहल की गई है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आवंटित बजट से आम जनता के जीवन में कितना सकारात्मक बदलाव आ रहा है।

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