बड़ी राहत: टीईटी (TET) प्रभावित लाखों शिक्षकों के लिए रास्ता निकालेगी सरकार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा आश्वासन

प्रवक्ता.कॉम 21 मई 2026
दिल्ली:
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद देश भर के लाखों इन-सर्विस (सेवारत) शिक्षकों पर मंडरा रहे नौकरी और पदोन्नति के संकट के बीच एक बेहद सकारात्मक खबर सामने आई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रभावित शिक्षकों को भरोसा दिलाया है कि सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए बीच का रास्ता (सकारात्मक समाधान) निकालेगी।
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया है कि वर्षों से देश के विभिन्न राज्यों में पढ़ा रहे अनुभवी शिक्षकों की आजीविका और वरिष्ठता को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के अधिकारियों को आवश्यक विधिक और प्रशासनिक कदम उठाने के निर्देश भी दिए जा चुके हैं।
क्या है पूरा मामला और क्यों मचा है बवाल?
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में सभी प्रारंभिक (कक्षा 1 से 8 तक) शिक्षकों के लिए ‘शिक्षक पात्रता परीक्षा’ (TET/CTET) पास करना अनिवार्य कर दिया था। कोर्ट के आदेश के अनुसार, जिन सेवारत शिक्षकों की सेवा 5 वर्ष से अधिक बची है, उन्हें 2 वर्ष के भीतर टीईटी पास करना होगा, अन्यथा उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है या सेवा छोड़नी पड़ सकती है।
इस फैसले को पूर्वव्यापी (पुराने समय से) लागू किए जाने की आशंका के चलते देशभर के लगभग 12 लाख से अधिक शिक्षक प्रभावित हो रहे थे। इनमें बड़ी संख्या उन शिक्षकों की है जो साल 2010-2011 (आरटीई एक्ट लागू होने) से पहले या तत्कालीन वैध योग्यताओं के आधार पर नियुक्त हुए थे और पिछले 15-20 वर्षों से सेवा दे रहे हैं।
शिक्षक संगठनों की मांग और शिक्षा मंत्री का रुख
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) और अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर एक विस्तृत मांग-पत्र सौंपा था।
प्रतिनिधिमंडल का तर्क: “NCTE की 23 अगस्त 2010 की मूल अधिसूचना में साफ कहा गया था कि टीईटी की अनिवार्यता आगे होने वाली नियुक्तियों पर लागू होगी और उससे पहले नियुक्त शिक्षकों को इससे छूट रहेगी। वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी शिक्षकों पर अचानक यह नियम थोपना न्यायसंगत नहीं है।”
शिक्षकों की इस गंभीर चिंता पर संवेदनशीलता दिखाते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता किए बिना शिक्षकों के प्रति संतुलित और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस नियम से पुराने और अनुभवी शिक्षकों की वरिष्ठता, गरिमा और नौकरी पर कोई आंच नहीं आने दी जाएगी और इसके लिए उचित कानूनी व प्रशासनिक रास्ता तैयार किया जा रहा है।
इस घोषणा के बाद देश भर के शिक्षक संघों ने राहत की सांस ली है।
शिक्षकों को मिलेगी TET से राहत? – इस वीडियो में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और सांसदों के बीच हुई इस मुलाकात और टीईटी छूट को लेकर चल रही सरकारी तैयारियों का विस्तृत विश्लेषण देखा जा सकता है।





