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टीईटी पर संसद से शिक्षकों के लिए अच्छी खबर नहीं मिली केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने दिया बयान पदोन्नति के लिए भी टीईटी जरूरी

रायपुर प्रवक्ता.कॉम 10 फरवरी 2026

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लोक सभा में 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए TET अनिवार्यता पर सरकार का स्पष्टीकरण
लोकसभा में पूछे गए सासंद लालजी वर्मा के एक प्रश्न के उत्तर में केन्द्रीय शिक्षा राज्यमंत्री जयन्त चौधरी जी ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 01.09.2025 के निर्णय के हवाले से सरकार ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण बातें कही हैं:

पढ़िए क्या है सवाल जवाब


मुख्य बिंदु:
TET एक अनिवार्य योग्यता: कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षकों के लिए ‘शिक्षक पात्रता परीक्षा’ (TET) पास करना एक अनिवार्य न्यूनतम योग्यता है।
2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए नियम:
जिन शिक्षकों की सेवा 5 वर्ष से अधिक बची है, उन्हें अपनी नौकरी में बने रहने के लिए निर्णय की तिथि से 2 वर्ष के भीतर TET उत्तीर्ण करना होगा।
जिन शिक्षकों की सेवा 5 वर्ष से कम बची है, उन्हें बिना TET के सेवानिवृत्ति तक सेवा में बने रहने की अनुमति दी गई है।
पदोन्नति (Promotion) पर रोक:

स्पष्ट किया गया है कि जब तक शिक्षक TET पास नहीं कर लेते, तब तक वे पदोन्नति (Promotion) के पात्र नहीं होंगे।
कानूनी आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया निर्णय

यह निर्णय RTE अधिनियम की धारा 23 और संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दी गई शक्तियों के आधार पर लिया गया है।
निष्कर्ष: अब यह पूरी तरह स्पष्ट है कि चाहे नियुक्ति 2011 से पहले की हो, यदि आप सेवा में बने रहना चाहते हैं (5 साल से अधिक सेवा बची होने पर) या पदोन्नति पाना चाहते हैं, तो TET उत्तीर्ण करना अनिवार्य है।

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