प्रतिनियुक्ति से सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय सेवकों के पेंशन प्रकरणों में अब नहीं होगी देरी, स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किए सख्त निर्देश

रायपुर, 15 अक्टूबर
प्रवक्ता.कॉम
छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रतिनियुक्ति या बाह्य सेवा के दौरान सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय सेवकों के पेंशन और उपदान (ग्रेच्युटी) के मामलों को लेकर एक अहम और बड़ा कदम उठाया है। विभाग द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि अब प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के बाद मूल पदस्थापना और विभागीय प्रक्रियाओं में होने वाले विलंब के कारण कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के परिलाभों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
क्यों पड़ी इन निर्देशों की आवश्यकता?
मंत्रालय (महानदी भवन, नवा रायपुर) से जारी आदेश में यह बात सामने आई थी कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों, पीएम श्री विद्यालयों, एससीईआरटी (SCERT), शिक्षा महाविद्यालयों, डायट (DIET) तथा विभिन्न निगम-मंडलों और आयोगों में प्रतिनियुक्ति पर तैनात शासकीय सेवकों के सेवानिवृत्त होने पर पेंशन और उपदान स्वीकृति की प्रक्रिया में अत्यधिक विलंब हो रहा था। प्रतिनियुक्ति खत्म होने के बाद मूल पदस्थापना और फाइलों के इधर-उधर होने से निर्मित होने वाली इस लेटलतीफी को दूर करने के लिए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 के नियम-64-ए के तहत नई व्यवस्था बनाई गई है।
निर्देशों के प्रमुख बिंदु:
स्वामी आत्मानंद / पीएम श्री विद्यालय
जिन विद्यालयों को संचालन से पूर्व आहरण एवं संवितरण (DDO) अधिकार प्राप्त हैं, वहीं से पेंशन व उपदान की कार्रवाई होगी। जिन्हें DDO कोड नहीं मिला है, उनके प्रकरण पास के ही DDO कोड प्राप्त अन्य विद्यालय के माध्यम से निपटाए जाएंगे।
एससीईआरटी, शिक्षा महाविद्यालय और डायट
इन संस्थानों में प्रतिनियुक्ति पर रहते हुए सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के पेंशन और उपादान प्रकरण संबंधित संस्था से ही स्वीकृत किए जाएंगे।
निगम, मंडल, आयोग एवं बाह्य सेवाएं
राज्य के विभिन्न मंडलों, बोर्ड, आयोगों, अन्य विभागों या राज्य से बाहर बाह्य सेवा में प्रतिनियुक्ति पर रहकर सेवानिवृत्त होने वाले सेवकों के मामले में, शासन से प्रतिनियुक्ति समाप्त कर पदस्थापना वाली संस्था से पेंशन व उपदान की स्वीकृति की कार्रवाई की जाएगी।
कड़ाई से पालन करने के निर्देश
स्कूल शिक्षा विभाग की उप सचिव नीलम टोप्पो द्वारा जारी इन आदेशों की प्रतियां लोक शिक्षण संचालनालय, समग्र शिक्षा, सभी संभागायुक्तों, जिला कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई हैं। शासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर उनका हक मिल सके।





