छत्तीसगढ़ में मानसून का असमान मिजाज: मैदानी इलाकों में झमाझम, तो बस्तर-सरगुजा में अभी भी पानी की दरकार

रायपुर, प्रवक्ता.कॉम 27 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ में इस मानसून सीजन के दौरान बारिश का असमान वितरण देखने को मिल रहा है। राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 27 जुलाई तक प्रदेश में औसतन 421 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है, जो पिछले 10 वर्षों के औसत (494 मि.मी.) का 85.2 प्रतिशत है।

मैदानी इलाकों में रिकॉर्ड बारिश, सारंगढ़-बिलाईगढ़ सबसे आगे
औसत आंकड़े भले ही सामान्य के करीब लग रहे हों, लेकिन मैदानी जिलों में बादलों ने जमकर मेहरबानी दिखाई है:
सारंगढ़-बिलाईगढ़:
जिले में औसत के मुकाबले रिकॉर्ड तोड़ 181.5% (694.3 मि.मी.) वर्षा दर्ज की गई है।
अन्य प्रमुख जिले: बलरामपुर (125.5%), महासमुंद (123.2%), जांजगीर-चांपा (117.6%), बलौदाबाजार (114.0%), सक्ती (113.7%) और राजधानी रायपुर (111.1%) में सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई है, जिससे नदी-नाले उफान पर हैं और खेती-किसानी के कार्यों में तेजी आई है।
बिलासपुर (102.5%), दुर्ग (105.1%) और मुंगेली (100.6%) में भी बारिश का कोटा लगभग पूरा हो चुका है।
इन जिलों में अब भी सूखे जैसे हालात, बारिश का इंतजार
दूसरी ओर, बस्तर और सरगुजा संभाग के कई जिलों में बादलों की बेरुखी साफ नजर आ रही है।
सबसे पीछे बीजापुर:
राज्य में बीजापुर जिला सबसे पीछे है, जहाँ अब तक महज 42.9% (387.5 मि.मी.) ही बारिश हो पाई है।
सुकमा (45.0%), मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (51.8%), कांकेर (54.0%), कोण्डागांव (54.4%), बस्तर (54.5%) और सरगुजा (69.0%) में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी कम है।
बीते 24 घंटों की स्थिति
प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान औसतन 7.6 मि.मी. बारिश दर्ज की गई।
सर्वाधिक वर्षा:
महासमुंद (37.4 मि.मी.), जांजगीर-चांपा (34.4 मि.मी.) और सारंगढ़-बिलाईगढ़ (33.4 मि.मी.)।
सूखा दिन:
बलरामपुर, कोरिया, मोहला-मानपुर, बस्तर, कोण्डागांव, नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिलों में बीते 24 घंटों के दौरान एक बूंद भी पानी नहीं बरसा।





