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टीईटी अनिवार्यता: प्रदेश के 82 हजार सेवारत शिक्षकों ने खोला मोर्चा, 27 अगस्त से सीएम और शिक्षा मंत्री निवास पर अनिश्चितकालीन धरना

छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग पर शिक्षकों की पीड़ा की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया है। 'पहले परीक्षा, फिर पदोन्नति': टीईटी मामले पर शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, राजधानी में अनिश्चितकालीन आंदोलन

रायपुर:

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रायपुर: प्रवक्ता कॉम 24 अगस्त 2026

छत्तीसगढ़ में सेवारत शिक्षकों के लिए पदोन्नति में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। शासन और शिक्षा विभाग के रुख से नाराज प्रदेशभर के शिक्षकों ने ‘साझा मंच’ के बैनर तले आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। आगामी 27 अगस्त से शिक्षक संघों द्वारा मुख्यमंत्री के निज निवास (बगिया) और शिक्षा मंत्री के निज निवास (दुर्ग) के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और “सेवा सुरक्षा न्याय पदयात्रा” शुरू की जाएगी।

हिटलरशाही निर्णय से शिक्षकों में आक्रोश

छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग पर शिक्षकों की पीड़ा की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बिना टीईटी परीक्षा आयोजित किए सेवारत शिक्षकों को सालों की सेवा के बाद पदोन्नति से बाहर करना एकतरफा और अन्यायपूर्ण है, जिसका दर्द आज प्रदेश के लगभग 82 हजार सेवारत शिक्षक झेल रहे हैं।

​उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद भी शिक्षक टीईटी उत्तीर्ण नहीं कर पाए हैं, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग और राज्य सरकार की है, क्योंकि विभाग द्वारा इसके लिए कोई उचित अवसर या प्रयास नहीं किए गए।

सम्मान और अस्तित्व की लड़ाई

शिक्षक नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यह आंदोलन केवल पदोन्नति का मुद्दा नहीं है, बल्कि शिक्षकों के आत्मसम्मान, अधिकार और सेवा सुरक्षा से जुड़ा निर्णायक संघर्ष है।

कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बसंत कौशिक

ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण कार्यरत शिक्षक खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।

प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र हरमुख

ने कहा कि पुरानी सेवा दे रहे शिक्षकों और नए नियुक्त शिक्षकों के बीच यह अनिवार्यता गंभीर विसंगति पैदा कर रही है। सरकार की जिम्मेदारी थी कि वह परीक्षा आयोजित कर शिक्षकों को पात्रता का अवसर देती।

‘पहले परीक्षा, फिर पदोन्नति’ की मांग

साझा मंच के तहत नवीन शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास राजपूत, सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पांडे, लैलून भारद्वाज, कृष्ण कुमार नवरंग, राजू टंडन, शेषनाथ पांडेय, मनीष मिश्रा और कौशल अवस्थी सहित तमाम शिक्षक नेताओं ने संयुक्त रूप से राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।

​संघ ने दो टूक कहा है कि जब तक सेवारत शिक्षकों के लिए परीक्षा आयोजित कर उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती और इस मामले में कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही, प्रदेशभर के शिक्षकों से इस महाआंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई है।

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