
रायपुर प्रवक्ता.कॉम 24 अगस्त 2026
प्रदेश में सेवारत शिक्षकों के लिए पदोन्नति में टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता और पूर्व सेवा की गणना जैसी गंभीर मांगों को लेकर चल रहे विभिन्न आंदोलनों को छत्तीसगढ़ व्याख्याता वाणिज्य विकास संघ का समर्थन मिल गया है। संघ के संयोजक एवं प्रदेश अध्यक्ष विष्णु प्रसाद साहू ने एक आधिकारिक बयान जारी कर आंदोलनरत शिक्षक संगठनों के प्रति अपना समर्थन जाहिर किया है।
शिक्षकों के भविष्य और सेवा सुरक्षा से जुड़ा है मामला
विष्णु प्रसाद साहू ने अपने बयान में कहा कि वर्तमान में शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता एक अत्यंत गंभीर विषय है, जो सीधे तौर पर शिक्षकों के भविष्य और आत्मसम्मान से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सभी संगठनों को एकजुट होकर सरकार के साथ सार्थक चर्चा करनी चाहिए और यदि समाधान नहीं निकलता है, तो आंदोलन ही एकमात्र विकल्प बचता है, क्योंकि यह सहायक शिक्षक साथियों के भविष्य का सवाल है।
पूर्व सेवा गणना और पेंशन विसंगति पर चिंता
संघ ने शिक्षकों की अन्य महत्वपूर्ण मांगों, विशेषकर पूर्व सेवा की गणना और वरिष्ठता प्रभावित होने के मुद्दे पर भी गहरी चिंता जताई है। साहू ने कहा कि कई शिक्षक साथी बिना लाभ मिले सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जिन्हें अभी तक पेंशन का लाभ नहीं मिल पाया है, जो कि चिंताजनक है।
संगठनों की एकजुटता पर जोर
वर्तमान में शिक्षक समुदाय के अलग-अलग गुटों में बंटकर आंदोलन करने की स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि इससे शिक्षकों के बीच असमंजस का माहौल बन रहा है। संघ शुरू से यह मांग करता रहा है कि सभी शिक्षक संगठनों को एक मंच पर आकर टीईटी से मुक्ति और पूर्व सेवा की गणना जैसे मुख्य मुद्दों पर फोकस करना चाहिए।
शिक्षकों के व्यापक हित और उनकी सेवा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, छत्तीसगढ़ व्याख्याता वाणिज्य विकास संघ ने वर्तमान में मैदानी स्तर पर संघर्ष कर रहे सभी शिक्षक संगठनों को अपना नैतिक समर्थन प्रदान किया है।





