टीईटी प्रकरण में हाईकोर्ट के रिटायर्ड चीफ जस्टिस रविशंकर झा करेंगे सुप्रीम कोर्ट में पैरवी

दिल्ली प्रवक्ता.कॉम 26 मार्च 2026
प्रदेश के लगभग 1 लाख 60 हजार शिक्षकों में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर उत्पन्न गंभीर स्थिति के मद्देनज़र ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन, मध्यप्रदेश ने अपने पक्ष की प्रभावी पैरवी हेतु पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश तथा जबलपुर हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश श्री रविशंकर झा को अधिवक्ता के रूप में नियुक्त किया है।
एसोसिएशन के प्रांत अध्यक्ष डी.के. सिंगौर के नेतृत्व में 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में दो दिनों तक विभिन्न वरिष्ठ अधिवक्ताओं से चर्चा करने के उपरांत यह निर्णय लिया।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया द्वारा 1 सितंबर 2025 को दिए गए निर्णय में देशभर के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के उन शिक्षकों के लिए, जिनकी सेवा 5 वर्ष से अधिक हो चुकी है, 2 वर्ष के भीतर टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि में टीईटी उत्तीर्ण न करने की स्थिति में सेवा से पृथक किया जा सकता है। न्यायालय ने अपने विस्तृत निर्णय में यह भी कहा है कि अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के पूर्व या पश्चात नियुक्त सभी शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य है।
इस निर्णय के बाद मध्यप्रदेश सहित देशभर के शिक्षकों में व्यापक असंतोष व्याप्त है। शिक्षकों का मानना है कि उनकी नियुक्ति उस समय लागू प्रावधानों के अनुसार हुई थी, ऐसे में बाद में टीईटी की अनिवार्यता लागू करना न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि विधिसम्मत भी नहीं है।
एसोसिएशन का कहना है कि चूंकि यह सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय है, अतः प्राथमिकता के आधार पर न्यायालयीन स्तर पर ही इसका निराकरण कराने का प्रयास किया जाएगा। इसी क्रम में संगठन द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने की तैयारी की जा रही है। संगठन का यह भी मत है कि प्रदेश के शिक्षकों का पक्ष पूर्व में सुना ही नहीं गया है।
न्यायालयीन प्रयासों के साथ-साथ एसोसिएशन द्वारा विधायी स्तर पर भी पहल की जा रही है। इसके अंतर्गत सांसदों, विधायकों एवं मंत्रियों से संपर्क कर उन्हें इस विषय की गंभीरता से अवगत कराया जा रहा है, ताकि आवश्यक होने पर अध्यादेश अथवा नियमों में संशोधन कराया जा सके।
दिल्ली प्रवास के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्यसभा सांसद श्री सुमेर सिंह सोलंकी के सहयोग से संसद भवन में विभिन्न सांसदों के समक्ष अपनी बात रखी।
प्रतिनिधिमंडल में डी.के. सिंगौर, सुरेश यादव, हेमेन्द्र मालवीय, कसर सिंह सोलंकी, उमेश यादव, निलेश भावसार, शैलेंद्र यादव, राजेश जोशी, आशीष भावसार एवं रवि त्रिपाठी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।





