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सीबीएसई में कक्षा 9 से छात्रों को तीन भाषा पढ़नी होगी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप 16 जून तक जारी होंगे गाइड लाइन

बोर्ड ने कहा है कि एक जुलाई, 2026 से नौवीं में तीन भाषाओं (आर1, आर2, आर3) का अध्ययन अनिवार्य होगा, जिनमें कम से कम दो भाषाएं भारतीय मूल की होनी चाहिए। सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई विद्यार्थी विदेशी भाषा पढ़ना चाहता है, तो उसे तीसरी भाषा के रूप में तभी चुना जा सकेगा, जब बाकी दो भाषाएं भारतीय हों

रायपुर प्रवक्ता.कॉम 17 मई 2026

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ-एसई) 2023 के तहत नौवीं और 10वीं कक्षा की भाषा अध्ययन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड ने कहा है कि एक जुलाई, 2026 से नौवीं में तीन भाषाओं (आर1, आर2, आर3) का अध्ययन अनिवार्य होगा, जिनमें कम से कम दो भाषाएं भारतीय मूल की होनी चाहिए। सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई विद्यार्थी विदेशी भाषा पढ़ना चाहता है, तो उसे तीसरी भाषा के रूप में तभी चुना जा सकेगा, जब बाकी दो भाषाएं भारतीय हों। अन्यथा विदेशी भाषा को अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में पढ़ना होगा। यह व्यवस्था 2026-27 सत्र से लागू होगी।

बोर्ड के अनुसार, एनसीईआरटी द्वारा जारी नए पाठ्यक्रम के अनुरूप यह बदलाव किया जा रहा है। सीबीएसई ने कहा कि नौवीं के विद्यार्थियों के लिए फिलहाल आरउ

15 जून, 2026 तक इस संबंध में जारी किए जाएंगे विस्तृत दिशा-निर्देश

जुलाई से कक्षा नौ के विद्यार्थियों को तीन भाषाएं (आर1, आर2, आर3) पढ़नी होंगीकम से कम दो भारतीय मूल की भाषाएं होंगी, तीसरी भाषा को बोर्ड परीक्षा से छूट दी

पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए 2026-27 संस्करण की छठवीं की आरउ किताबों का उपयोग किया जाएगा। स्कूलों को स्थानीय साहित्य, कहानियां, कविताएं जोड़ने

भाषाओं की श्रेणियां

आर1 (पहली भाषा): यह वह मुख्य

भाषा होती है, जिसे स्कूल चुनता है। यह भाषा सीबीएसई की सूची में शामिल होती है, जैसे हिंदी या कोई क्षेत्रीय भाषा। आमतौर पर छात्रों की पढ़ाई की शुरुआत इसी भाषा से होती है।

आर2 (दूसरी भाषा) : यह आर 1 से

अलग होती है। यह भी एक मानक भाषा होती है, जिसे स्कूल पढ़ाता है, जैसे अंग्रेजी या कोई दूसरी भारतीय भाषा ।

आर३ (तीसरी भाषा): यह आर1 और

आर 2 दोनों से अलग होती है, इसमें छात्र अपनी क्षेत्रीय भाषा या मातृभाषा का चुनाव कर सकते हैं।

इन तीन भाषाओं में से कम से कम दो भाषाएं भारतीय मूल की होनी चाहिए।की अनुमति दी गई है। विस्तृत दिशा-निर्देश 15 जून 2026 तक जारी किए जाएंगे। अभी तक नौवीं में तीन भाषा नीति अनिवार्य नहीं थी।

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