कचरे से पटे तालाब को पुनर्जीवन देने में वार्डवासी भूजल स्तर में होगी बढ़ोत्तरी ऐसे कार्य समाज में दूसरों के लिए मिसाल बनते हैं
15 एकड़ के रकबा में है तालाब-कुशालबन्द तालाब नगर का दूसरा सबसे बड़ा तालाब है ,जिसमें पानी का भराव मैकल पर्वत श्रेणी के ढलानों तथा क्रांति जलाशय से आने वाले अतिरिक्त जल से होता है।गहराई बढ़ने से तालाब में बहुत अधिक पानी स्टोर होगा ,जो नगर के भूजल को बरकरार रखेगा
कबीरधाम,/पंडरिया प्रवक्ता.कॉम 28 मार्च 2026
पंडरिया-नगर के वार्ड क्रमांक 18 कुशालबन्द मोहल्ले में स्थित कुशालबन्द तालाब के गहरीकरण का कार्य विगत पखवाड़े भर से हो रहा है।जो पूर्णतः जनसहयोग से हो रहा है।यह तालाब शासकीय है लेकिन इसके गहरीकरण में शासन द्वारा किसी प्रकार का खर्च नहीं किया जा रहा है। तालाब पिछले कई वर्षों से कचरों से पटा हुआ था।साथ ही मिट्टी भर कर तालाब उथला हो गया था।जिसे वार्ड पार्षद सहित सभी पार्षद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष की सहमति से गहरीकरण किया जा रहा है।तालाब में गहरीकरण के लिए सभी लोगों को छूट दे दी गई है।कोई भी इस तालाब से मिट्टी व्यवस्थित ढंग से निकाल सकता है।बताया जाता है कि इस संबंध के नगर पालिका से एल प्रस्ताव पास किया गया।जिसमें किसी को भी तालाब से मिट्टी निकालने पर छूट दी गई है तथा 10 ट्रेक्टर मिट्टी निकालने पर दो ट्रेक्टर मिट्टी नगरपालिका को देने की शर्त रखी गई है।मिट्टी निकालने वाला व्यक्ति नगर पालिका को प्रति 10 ट्रेक्टर में दो ट्रेक्टर मिट्टी देता है,जिसे नगर पालिका नगर के आवश्यकता वाले स्थान पर पटवाने का कार्य करता है।इस तरह तालाब का गहरीकरण हो रहा है तथा नगर के गड्ढो व मिट्टी के अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति हो रही है।
10 फिट तक गहरा हो रहा तालाब-कुशालबन्द तालाब बिना कुछ शासकीय खर्चे के करीब 7 से 10 फिट तक गहरा हो रहा है।रोजगार गारंटी या अन्य शासकीय मद से इतना खुदाई करने में करोड़ों रुपये खर्च हो जाते, उसके बावजूद इस तहर गहरीकरण नहीं हो पाता।इससे पूर्व इस तालाब में सौदर्यीकरण व गहरीकरणके लाखों रुपये खर्च किये गए थे,लेकिन तालाब की गहराई नहीं बढ़ी थी तथा कचरे भी साफ नहीं हुए थे।जनसहयोग के फार्मूले से इस तालाब की तस्वीर बदल रही है।गहराई बढ़ने के साथ तालाब का पूरा कचरा साफ हो जाएगा।
15 एकड़ के रकबा में है तालाब-कुशालबन्द तालाब नगर का दूसरा सबसे बड़ा तालाब है।इसका क्षेत्रफल करीब 15 एकड़ से अधिक है।जिसमें पानी का भराव मैकल पर्वत श्रेणी के ढलानों तथा क्रांति जलाशय से आने वाले अतिरिक्त जल से होता है।गहराई बढ़ने से तालाब में बहुत अधिक पानी स्टोर होगा ,जो नगर के भूजल को बरकरार रखेगा।इस तालाब का पानी साफ रहता है।क्योंकि इस तालाब में कहीं से गंदा पानी नहीं जाता है।
“नगर पालिका के पीआईसी बैठक में 20 फरवरी 2026 को जनसहयोग से जनभावनाओं के मांग के अनुरूप तालाब गहरीकरण का प्रस्ताव पास किया गया था,जिसके अनुसार तालाब गहरीकरण का कार्य हो रहा है।तालाब गहरीकरण पश्चात पर्याप्त मात्रा में जल संग्रहण होगा,जिससे नगर का भूजल स्तर में वृद्धि होगी।”
यमन देवांगन,सीएमओ नगर पालिका पंडरिया।





