केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा बंगाल में बीजेपी की सरकार बनाइए टीईटी अनिवार्यता का समाधान निकालेंगे वीडियो हुआ था वाइरल आज हुई पहले चरण की वोटिंग
देश भर के टीईटी प्रभावित 50 लाख से अधिक शिक्षकों को है समाधान निकलने की उम्मीद , 6 मई के बाद शिक्षक संगठन के प्रतिनिधि मिलकर करेंगे चर्चा
प्रवक्ता.कॉम 23 अप्रैल 2026
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कोलकाता में एक शिक्षक सम्मेलन के दौरान पश्चिम बंगाल में टीईटी (TET) प्रभावित उम्मीदवारों के लिए रास्ता निकालने की बात कही थी।
उनका यह बयान फरवरी 2026 में, कोलकाता में पश्चिम बंगाल भाजपा इकाई द्वारा आयोजित शिक्षकों के सम्मेलन में आया था।
जिसमें उन्होंने कहा था कि वे राज्य के टीईटी प्रभावित उम्मीदवारों (जो भर्ती में अनियमितताओं के कारण प्रदर्शन कर रहे हैं) के दर्द को समझते हैं और केंद्र सरकार कोर्ट के फैसले व विशेषज्ञों के परामर्श के अनुसार उनके लिए रास्ता निकालने का प्रयास करेगी।
शिक्षा मंत्री का वीडियो हुआ था वाइरल
पश्चिम बंगाल में चुनाव
पश्चिम बंगाल में आज है पहले चरण की वोटिंग
पश्चिम बंगाल में गुरुवार (23 अप्रैल) को विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान है। बंगाल में दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होगी ।
पश्चिम बंगाल चुनाव में धर्मेंद्र प्रधान की भूमिका
2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (अप्रैल 2026) के लिए भाजपा ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार और पार्टी की रणनीति को धार देने की प्रमुख जिम्मेदारी सौंपी है।
प्रमुख भूमिका: धर्मेंद्र प्रधान बंगाल में भाजपा के प्रमुख रणनीतिकार के रूप में काम कर रहे हैं और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के खिलाफ चुनावी अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं।
चुनाव प्रचार और दौरे: वे बंगाल के विभिन्न हिस्सों में रोड शो और रैलियां कर रहे हैं, जैसे नंदीग्राम, बांकुरा और बारा नगर, जहाँ उन्होंने भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार किया है।
शिक्षकों के लिए आश्वासन:
उन्होंने पश्चिम बंगाल में TET-योग्य उम्मीदवारों, जो नौकरी के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, के मुद्दों को हल करने के लिए कानूनी या अन्य माध्यमों से “रास्ता निकालने” का वादा किया।
पिछली सरकारों पर आरोप: उन्होंने कहा कि बंगाल में शिक्षकों की समस्याओं का कारण पिछली सरकारों की गलत नीतियां हैं।
बंगाल शिक्षा की स्थिति:
उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में लगभग 4,000 स्कूल बिना शिक्षकों के चल रहे हैं।
राजनीतिक टिप्पणी: धर्मेंद्र प्रधान ने टीएमसी शासन के तहत शिक्षा व्यवस्था में अव्यवस्था और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए, भाजपा सरकार के आने पर इन मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही थी।
चुनाव के बाद शिक्षक संगठन के मिलने की योजना
बंगाल चुनाव की मतगणना 4 मई को होगी उसी दिन चुनाव परिणाम भी आ जाएगा । इसके बाद देश भर के शिक्षकों के संगठनों से जुड़े पदाधिकारी टीईटी के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मिलेंगे। शिक्षकों के संगठन से जुड़े प्रतिनिधि स्थानीय बीजेपी सांसद के साथ मंत्री से मिल सकते हैं।






