अंबेडकर अस्पताल ने परिजन को घंटों भटकाया मरीज के इलाज में तत्परता नहीं खून की कमी के चलते भर्ती मरीज को 9.30 बजे तक आरसीसी पर्ची नहीं मिली मंत्री जी बताइए क्या ऐसे ही होना चाहिए मरीज का उपचार

रायपुर प्रवक्ता.कॉम 28 अप्रैल 2026
अंबेडकर अस्पताल का भगवान ही मालिक भले ही विभाग कुछ भी कहे असलियत भुक्तभोगी ही बता पाएगारायपुर प्रवक्ता कॉम 28 अप्रैल 2026 सबसे बड़े और प्रतिष्ठित अस्पताल डाक्टर भीमराव अंबेडकर में मरीजों का बुरा हाल है अगर आपका मरीज आपात कालीन स्थिति में भर्ती है और चिकित्सा की जरूरत है तो अपने साथ स्ट्रेचर, व्हील चेयर चलाने के लिए कोई न कोई व्यक्ति साथ रख लीजिए अन्यथा आप का मरीज वहीं बैठा रह जाएगा।अंबेडकर अस्पताल में आज दिनांक 28 अप्रैल को पिताजी को खून की कमी होने के चलते विजय सिंह ठाकुर ने भर्ती कराया । 11.30 बजे भर्ती कराने के बाद 6 बजे शाम को डाक्टर आए उसके बाद डाक्टर का इंतज़ार हो ही रहा है ।
मरीज को खून चढ़ाने की प्रक्रिया अभी और कब तक चलेगी पूछ पूछ कर हालत खराब हो गई है। कोई डाक्टर जूनियर को फोन करके आरसीसी फॉर्म भरने बोली है पर अभी तक वह भी नहीं भरा जा सका है। पता नहीं कब तक होगा ,कब प्रक्रिया होगी ,कब मरीज को खून चढ़ेगा। इस समय मरीज अंबेडकर अस्पताल के बेड नम्बर 24 में भर्ती है मरीज का नाम है रामजी सिंह उम्र 74 वर्ष और इलाज शुरू होने की प्रतीक्षा कर रहा है। मरीजों से फीडबैक लेने की कोई व्यवस्था नहीं है ,कल स्वास्थ्य मंत्री का अंबेडकर अस्पताल की कोई ऐसी सर्जरी जो सफल हुई है उसको लेकर बयान और फोटो आ जाए तो कोई अचरज नहीं है पर अवस्थाओं के संदर्भ में उनका कोई भी बयान नहीं आएगा। यही व्यवस्था की सच्चाई और पीड़ितों की विवशता है । सरकारी संस्थान जन बुझकर जनता तो निजी संस्थाओं की तरफ जाने को विवश कर देते हैं कि उनका भरोसा ही सरकारी व्यवस्था से उठ जाए।छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े अस्पताल की धरातल में यही स्थिति है कहीं कहीं थोड़ा बहुत ठीक है लेकिन क्या यह पर्याप्त है । इस पर जिम्मेदारी से कार्य करने की जरूरत है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जी कभी अव्यवस्था पर भी बोलिए। ऐसा न दिखाइए कि लोग यह कहें कि सावन के अंधे को अब कुछ हरा ही दिखाई देता है।





