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मध्यप्रदेश में केबिनेट ने ट्रांसफर से बैन हटाया 2026 ट्रांसफर पॉलिसी को दी मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने "राज्य एवं जिला स्तर पर अधिकारियों/कर्मचारियों की स्थानान्तरण नीति वर्ष 2026" का अनुमोदन किया है। स्वीकृति अनुसार इस वर्ष 01 जून 2026 से 15 जून 2026 तक की अवधि के लिये स्थानांतरण से प्रतिबंध शिथिल किया जायेगा। नीति में लिपिकीय त्रुटि सुधार, स्पष्टीकरण अथवा अन्य संशोधन करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को अधिकृत किया गया है।

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भोपाल प्रवक्ता.कॉम 20 मई 2026


​ मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज (20 मई 2026) मंत्रालय में हुई कैबिनेट (मंत्रि-परिषद) की बैठक में ‘राज्य एवं जिला स्तर पर स्थानांतरण नीति वर्ष 2026’ को हरी झंडी दे दी गई है। प्रदेश में लंबे समय से ट्रांसफर पर लगे प्रतिबंध को जून के महीने में हटा लिया जाएगा।
​आइए जानते हैं कि यह तबादले कब से शुरू होंगे और इनके लिए क्या नियम (कैसे) तय किए गए हैं:
​कब से कब तक होंगे ट्रांसफर?
​तबादलों की अवधि: कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, इस वर्ष 1 जून 2026 से 15 जून 2026 तक की अवधि के लिए स्थानांतरण से प्रतिबंध हटाया जा रहा है।
​सीमित समय: इस बार सरकार ने ट्रांसफर विंडो को काफी छोटा (महज 15 दिन) रखा है, ताकि प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों और पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ जल्द निपट सके।
​कैसे होंगे ट्रांसफर? (मुख्य नियम और गाइडलाइंस)
​मोहन कैबिनेट द्वारा मंजूर की गई नई स्थानांतरण नीति के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
​प्रतिशत का फॉर्मूला (कोटा फिक्स): अंधाधुंध तबादलों को रोकने के लिए सरकार ने स्टाफ संख्या के आधार पर सीमा तय की है:
​जिन विभागों में 200 तक कर्मचारी हैं, वहां अधिकतम 20% ट्रांसफर होंगे।
​200 से 1,000 की संख्या वाले विभागों में करीब 15% ट्रांसफर होंगे।
​1,000 से 2,000 की संख्या वाले विभागों में 10% तक ट्रांसफर होंगे।
​2,000 से अधिक कर्मचारी वाले बड़े विभागों में केवल 5% तबादले ही किए जा सकेंगे।
​प्रभारी मंत्रियों को पावर: जिला और राज्य संवर्ग के तृतीय (Class-III) एवं चतुर्थ श्रेणी (Class-IV) के कर्मचारियों का जिले के भीतर जो भी ट्रांसफर होगा, वह प्रभारी मंत्री के अनुमोदन (Approval) से ही किया जाएगा।
​गंभीर बीमारी और पति-पत्नी केस में बड़ी राहत: कैंसर, किडनी जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रसित कर्मचारियों (मेडिकल बोर्ड की सिफारिश पर) और पति-पत्नी के एक ही स्थान पर पदस्थापन (Spouse Posting) के मामलों को इस तय प्रतिशत कोटे से बाहर रखा गया है। यानी इनके ट्रांसफर मानवीय आधार पर प्राथमिकता से अलग से किए जा सकेंगे।
​उच्च अधिकारियों के लिए नियम: सभी विभागाध्यक्षों और शासकीय उपक्रमों/संस्थाओं में पदस्थ प्रथम श्रेणी के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEOs) के ट्रांसफर समन्वय में मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद ही फाइनल होंगे।

​अन्य बड़े फैसले: ट्रांसफर पॉलिसी के अलावा आज मोहन कैबिनेट ने जनता और किसानों के हित में कुल 30,055 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृतियां दी हैं, जिसमें आगामी 5 वर्षों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 11,608 करोड़ रुपये और वृद्धजनों व दिव्यांगों की पेंशन योजना के लिए 15,184 करोड़ रुपये की मंजूरी शामिल है।

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