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शिक्षक नेता सुशील शर्मा पर पॉक्सो एक्ट में एफआईआर दर्ज – फरार हुए शर्मा जी , छात्रा से फोन पर अश्लील बातचीत का आरोप

शिक्षक सुशील नारायण शर्मा पर फोन पर लगातार अभील बातें करने और प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ बीएनएस की धारा 75, 79 और पाक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

राजनांदगांव प्रवक्ता.कॉम 19 मई 2026

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राजनांदगांव से शिक्षक नेता को पुलिस ने एक बेहद गंभीर मामले में गिरफ्तार किया है । सुरगी हाईस्कूल की एक नाबालिग छात्रा ने स्कूल के ही शिक्षक सुशील नारायण शर्मा पर फोन पर लगातार अभील बातें करने और प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ बीएनएस की धारा 75, 79 और पाक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी शिक्षक समाज और संगठन में बड़ा रसूख रखता है। वे वर्तमान में राज्य शालेय शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष और ब्राम्हण समाज के संभागीय सचिव जैसे प्रतिष्ठित पदों पर आसीन है। चौंकाने वाली बात यह है कि अभी हाल ही में उसे छत्तीसगढ़ विधान सभा केअध्यक्ष डॉ रमन सिंह द्वारा सम्मानित और पुरस्कृत भी किया गया था। इस सम्मान के चंद दिनों बाद ही शिक्षक की इस घिनौनी करतूत के उजागर होने से शिक्षा जगत और समाज में हड़कंप मच गया है। पीड़ित छात्रा के परिजनों के अनुसार शिक्षक शर्मा लंबे समय से छात्रा को फोन करके लगातार अभील और आपत्तिजनक बातें कर रहा था। शिक्षक की हरकतों से परेशान होकर आखिरकार छात्रा ने अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद परिजनों के साथ थाने पहुंचकर पीड़िता ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बिना किसी देरी के

आरोपी शिक्षक के खिलाफ बीएनएस की प्रासंगिक धाराओं 75, 79 और पाक्सो एक्ट के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है। मामला दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी शिक्षक फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। एक तरफ जहां छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर बड़े बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर विधानसभा अध्यक्ष से पुरस्कृत और शिक्षक संगठन के पदाधिकारी द्वारा ऐसी घिनौनी हरकत किए जाने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोग आरोपी शिक्षक की जल्द से जल्द गिरफ्तारी और सख्त से सख्त सजा की मांग कर रहे हैं।

गौरतलब है कि पिछले दो-तीन वर्षों से लगातार शिक्षकों के खिलाफ इस तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं। इसमें से कुछ शिक्षक सजा पा चुके हैं और कुछ संदेह का लाभ पाकर बरी हो चुके हैं। कुछेक शिक्षक अभी भी जेल की दीवारों के पीछे आरोपी की भूमिका में है। लगातार ऐसे मामलों के सामने आने से अभिभावकों के मन में डर उत्पन्न हो चुका है जिसका निराकरण अब जरूरी हो गया है। सख्त सजा ही ऐसे मामलों में आवश्यक है ताकि अपराध से पूर्व ऐसी मानसिकता के लोगों में पर्याप्त डर व्याप्त हो और वे ऐसी हिमाकत न कर सके। वहीं बरी हो चुके मामलों से सीख लेते हुए पुलिस विभाग को पुख्ता केस बनाना चाहिए ताकि पर्याप्त सजा मिलने पर अभिभावक चैन की सांस ले सके।

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