बड़ी राहत: कांकेर DEO के एक आदेश से जिले के सभी शिक्षकों को मिली ग्रीष्मकालीन अर्जित अवकाश (EL) की पात्रता जिनकी जनगणना में फील्ड ड्यूटी नहीं लगी उन्हें भी अवकाश की पात्रता

उत्तर बस्तर कांकेर प्रवक्ता. कॉम 10 जुलाई 26
कांकेर। उत्तर बस्तर जिला कांकेर के शिक्षकों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए जिले के सभी शिक्षक संवर्ग को ग्रीष्म अवकाश की अवधि का अर्जित अवकाश स्वीकृत करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले से जिले भर के हजारों शिक्षकों को सीधा लाभ मिलेगा।
क्या है पूरा मामला और DEO का आदेश?

जिला शिक्षा अधिकारी, उत्तर बस्तर कांकेर द्वारा जारी आदेश (क्रमांक/स्था./जि.शि.अ./2026-27/3107) के अनुसार, ग्रीष्म अवकाश के दौरान जिले में जनगणना कार्य संपादित किया जा रहा था। इस अवधि में शासन के प्रशासनिक आदेश के तहत सभी शिक्षक संवर्ग को अनिवार्य रूप से मुख्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे।
चूंकि शिक्षकों ने इस दौरान अवकाश अवधि में भी मुख्यालय नहीं छोड़ा था, इसलिए नियमों के तहत वे अर्जित अवकाश की पात्रता रखते हैं। DEO ने सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) और प्राचार्यों (आहरण संवितरण अधिकारियों) को निर्देशित किया है कि वे नियमों के अनुरूप सभी कर्मचारियों की सेवापुस्तिका (Service Book) में अर्जित अवकाश की गणना कर उसका इन्द्राज (Entry) सुनिश्चित करें।
फील्ड ड्यूटी में नहीं करने वाले शिक्षकों को भी मिलेगा लाभ
इस आदेश की सबसे खास बात यह है कि जिन शिक्षकों की ड्यूटी सीधे तौर पर जनगणना कार्य के लिए फील्ड में नहीं लगी थी, उन्हें भी इस अर्जित अवकाश का लाभ मिलेगा।
कारण: भले ही वे सीधे तौर पर फील्ड पर तैनात नहीं थे, लेकिन प्रशासनिक आदेश के कारण वे ग्रीष्म अवकाश के दौरान मुख्यालय छोड़कर कहीं बाहर नहीं जा सके थे और मुख्यालय में ही उपस्थित रहे।
कांकेर DEO का यह आदेश पूरे छत्तीसगढ़ के शिक्षकों के लिए एक ‘नजीर’ है!
नियमों की इससे बेहतर और न्यायसंगत व्याख्या नहीं हो सकती। जब ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान प्रशासनिक आदेश के कारण शिक्षक मुख्यालय में ही बंधे रहे, तो वे अर्जित अवकाश (EL) के शत-प्रतिशत हकदार हैं—चाहे उनकी फील्ड ड्यूटी लगी हो या नहीं।
प्रदेश के बाकी सभी जिलों के शिक्षक संगठन भी आगे आएं। अपने-अपने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को इस आदेश की कॉपी सौंपकर प्रदेश भर के शिक्षकों के अधिकार और भले के लिए ऐसी ही मांग बुलंद करें।
शिक्षक संगठनों ने जताया आभार
नियमों की इस सटीक और न्यायसंगत व्याख्या के बाद जिला शिक्षा अधिकारी के इस कदम का शिक्षक संगठनों ने खुले दिल से स्वागत किया है। शिक्षक संघों का कहना है कि इस संवेदनशील निर्णय से शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा हुई है और उनके साथ न्याय हुआ है। संगठनों ने नियमों की सही व्याख्या करने और त्वरित आदेश जारी करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया है।





