छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र कल से : 14 जुलाई को गूंजेंगे स्कूल शिक्षा के सवाल, कई विधायक शिक्षा मंत्री को घेरने को तैयार
सत्र के पहले दिन (13 जुलाई) जहां पूर्व घोषित कार्यसूची के मुताबिक प्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्म विभूषण श्रीमती तीजन बाई के निधन पर शोक व्यक्त किया जाएगा और निधन का उल्लेख होगा, वहीं इसके बाद से ही सदन में प्रश्नों की जोरदार बौछार देखने को मिलेगी।
रायपुर प्रवक्ता.कॉम 12 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र कल, यानी 13 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रहा है। सत्र की अधिसूचना और कार्यसूची जारी की जा चुकी है, जिसके तहत 17 जुलाई तक चलने वाले इस संक्षिप्त सत्र में कुल पांच बैठकें होंगी।
सत्र के पहले दिन (13 जुलाई) जहां पूर्व घोषित कार्यसूची के मुताबिक प्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्म विभूषण श्रीमती तीजन बाई के निधन पर शोक व्यक्त किया जाएगा और निधन का उल्लेख होगा, वहीं इसके बाद से ही सदन में प्रश्नों की जोरदार बौछार देखने को मिलेगी।
14 जुलाई को स्कूल शिक्षा पर तीखे सवाल
मानसून सत्र का दूसरा दिन यानी 14 जुलाई विशेष रूप से स्कूल शिक्षा विभाग के नाम रहने वाला है। इस दिन सदन में स्कूल शिक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण एवं जनहित के मामलों पर गहन चर्चा होगी। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव विधायकों के तीखे सवालों का सामना करेंगे और उनके जवाब देंगे।
विपक्ष और सत्तापक्ष के विधायक पूछेंगे सवाल
शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न मुद्दों, व्यवस्थाओं और योजनाओं को लेकर कई प्रमुख विधायक पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतर रहे हैं। रेणुका सिंह , राघवेंद्र सिंह, सावित्री मंडावी सहित कई विधायक मंत्री से सवाल पूछेंगे।
इनके अलावा भी कई अन्य सदस्य शिक्षा व्यवस्था, स्कूल इन्फ्रास्ट्रक्चर और हाल ही में शैक्षणिक सत्र में किए जा रहे बदलावों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं।
पहले दिन इन विषयों पर भी रहेगी नजर
सत्र के पहले दिन (13 जुलाई) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा विभिन्न आयोगों और सरकारी उपक्रमों (जैसे मानव अधिकार आयोग, विद्युत नियामक आयोग, मनरेगा योजना और GST नेटवर्क) की वार्षिक रिपोर्ट एवं अधिसूचनाओं को पटल पर रखा जाएगा। इसके अलावा, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत पुरातत्व वस्तुओं के संरक्षण और स्वास्थ्य विभाग में अनियमितता जैसे गंभीर मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी।
विपक्ष कानून व्यवस्था और स्कूलों से जुड़े अन्य संवेदनशील मुद्दों को लेकर साय सरकार के मंत्रियों पर भारी दबाव बनाने की रणनीति तैयार कर चुका है। ऐसे में यह मानसून सत्र काफी हंगामेदार और चर्चाओं से भरा रहने की उम्मीद है।






