
दुर्ग प्रवक्ता.कॉम 14 अगस्त ,2026
जिले के विकासखंड पाटन के अंतर्गत आने वाले शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला औंधी में शिक्षा के मंदिर को राजनीति और प्रताड़ना का अखाड़ा बनाने का मामला सामने आया है। यहां प्रभारी प्राचार्य उमा कोमरा और सेवानिवृत्त प्राचार्य ममता सामल पर पूर्व माध्यमिक शाला के शिक्षकों को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और उनके साथ दुर्व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
अध्यापन कार्य में डाली जा रही है बाधा
पीड़ित शिक्षकों का आरोप है कि उन्हें निरीक्षण के नाम पर रोजाना परेशान किया जा रहा है। कक्षाओं में सुचारू रूप से अध्यापन कार्य चलने के दौरान भी व्यवधान उत्पन्न किया जा रहा है। प्रभारी प्राचार्य द्वारा कभी हाई स्कूल के शिक्षकों तो कभी एक विज्ञान सहायक को क्लासरूम में भेजकर लगातार 40 से 50 मिनट तक शिक्षकों पर दबाव बनाया जाता है। खुद प्राचार्य भी कक्षा के दौरान आकर शिक्षण कार्य को बाधित करते हैं।
वेतन रोकने की धमकी और अपमान
शिक्षकों का कहना है कि उन्हें “पढ़ाने नहीं आता” कहकर अपमानित किया जा रहा है तथा बात-बात पर वेतन रोकने की धमकी दी जा रही है। शाला मर्ज होने का हवाला देकर जहां शिक्षकों का सहयोग किया जाना चाहिए था, वहीं इसके विपरीत प्रधान पाठक के प्रशासनिक अधिकारों का हनन करते हुए उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। प्राचार्यों के इस तानाशाही रवैये से शिक्षकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
शिक्षक संघ ने दी कड़ी चेतावनी, उच्चाधिकारियों से जांच की मांग


शिक्षकों के साथ हो रहे इस अमानवीय व्यवहार की शिकायत उच्च अधिकारियों से कर दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष धरमदास बंजारे ने कड़ी आपत्ति जताई है।
उन्होंने इस कृत्य को “गंभीर अपराध” बताते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर शिक्षकों की योग्यता और सम्मान पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। प्रदेश अध्यक्ष ने उच्च अधिकारियों से इस मामले की तत्काल निष्पक्ष विभागीय जांच कराने और दोषी प्राचार्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि स्कूलों में शैक्षणिक माहौल और शिक्षकों की गरिमा सुरक्षित रह सके।





