टीईटी सहित कई मुद्दों पर आज शाम मुख्यमंत्री साय से मिलेगा शिक्षक साझा मंच रविन्द्र राठौर ने जताई ठोस निर्णय की उम्मीद

रायपुर: प्रवक्ता कॉम 26 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता और शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को लेकर घमासान तेज हो गया है। प्रदेशभर में शिक्षकों के तीखे तेवर और उग्र आंदोलनात्मक रुख के बाद अब राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। इसी कड़ी में, शिक्षक साझा मंच का प्रतिनिधिमंडल आज शाम प्रदेश के मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सकता है।
आंदोलन और विरोध के बाद बदले हालात
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष व शिक्षक साझा मंच के प्रमुख रविन्द्र राठौर ने स्पष्ट किया है कि यह संभावित मुलाकात उनके द्वारा चलाए गए व्यापक विरोध प्रदर्शन और उसके बाद उत्पन्न हुई राजनीतिक व प्रशासनिक परिस्थितियों का परिणाम है।
श्री राठौर ने कहा कि शिक्षक लगातार अपनी सेवा सुरक्षा और सम्मान के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यदि सरकार समय रहते शिक्षकों की इन जायज मांगों पर संवेदनशीलता नहीं दिखाती है, तो आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा।
प्रमुख मांगें, जिन पर टिकी हैं निगाहें:
टीईटी अनिवार्यता से छूट:

छत्तीसगढ़ में पूर्व से सेवारत शिक्षकों को अन्य राज्यों की तर्ज पर TET की अनिवार्यता से पूर्ण छूट दी जाए।
वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति:
शिक्षकों की वरिष्ठता को सुरक्षित रखते हुए पूर्व प्रचलित नियमों के तहत पदोन्नति प्रक्रिया जल्द पूरी हो।
वेतन विसंगति व अन्य लाभ:

सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करते हुए प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना कर क्रमोन्नति, समयमान, पुरानी पेंशन (OPS) और अन्य वित्तीय लाभ प्रदान किए जाएं।





