एनपीएस अंशधारकों के लिए बड़ी खबर: अब मिल सकती है न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन, PFRDA और वित्त मंत्रालय के बीच चर्चा जारी
प्रवक्ता.कॉम 8 सितंबर 2026
नई दिल्ली:
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के सदस्यों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है। अब अंशधारकों को बाजार के उतार-चढ़ाव से अलग एक ‘सुनिश्चित रिटर्न’ या ‘निश्चित पेंशन’ का विकल्प मिल सकता है। पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) इस दिशा में एक नई योजना तैयार करने के लिए वित्त मंत्रालय से लगातार बातचीत कर रहा है।
मूल रूप से एनपीएस एक अंशदान आधारित व्यवस्था है, जिसमें पहले से निश्चित पेंशन की कोई गारंटी नहीं होती थी। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण ‘न्यूनतम निश्चित रिटर्न योजना’ पर काम कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य उन निवेशकों को सुरक्षा देना है जो बाजार के जोखिमों के बजाय सेवानिवृत्ति के बाद एक स्थिर आय चाहते हैं।
बाजार के जोखिम से बचाव: वर्तमान में एनपीएस का अंतिम लाभ बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। नई व्यवस्था के तहत पेंशन कोष प्रबंधकों को ऐसे तरीके अपनाने होंगे, जिससे अंशधारकों का निवेश सुरक्षित रहे और लागत भी नियंत्रण में बनी रहे।
पहले भी आया था प्रस्ताव: PFRDA ने सितंबर 2025 में इस संबंध में एक परामर्श पत्र जारी किया था। इसके बाद जनवरी 2026 में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया, जिसे नियम, निकासी सीमा, लॉक-इन अवधि और टैक्स से जुड़े पहलुओं पर सुझाव देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पेंशन कोष प्रबंधकों के पास विकल्प: गारंटीशुदा रिटर्न देने के लिए जोखिम प्रबंधन की लागत बढ़ सकती है। इसके लिए पेंशन फंडों को सीमित शर्तों के साथ ‘वायदा अनुबंध बाजार’ (Futures/Derivatives Market) का इस्तेमाल करने की अनुमति देने पर विचार किया जा रहा है।
एक साल में हुए 5 बड़े बदलाव:
दिसंबर 2025: 12 लाख रुपये से अधिक बचत वाले अंशधारकों के लिए एकमुश्त निकासी की सीमा 60% से बढ़ाकर 80% की गई।
पेंशन कोषों को छूट: पेंशन फंड्स को NPS की रकम का कुछ हिस्सा जिंसों (Commodities) में लगाने की अनुमति मिली।
जनवरी 2026 (बैंकों के लिए नया ढांचा): अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों को स्वतंत्र रूप से NPS परिसंपत्तियों का प्रबंधन करने वाले पेंशन फंड प्रायोजित करने की मंजूरी दी गई।
एनपीएस वात्सल्य: वात्सल्य योजना के तहत माता-पिता को अपने नाबालिग बच्चों के लिए खाता खोलने की सुविधा मिली और एग्जिट नियमों में ढील दी गई।
जून 2026 (ऑडिट नियम कड़े): PFRDA ने ग्राहक सेवा केंद्रों (POP) के लिए ऑडिट नियमों को अधिक सख्त बनाया।

