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टीईटी के नाम पर पदोन्नति रोकने की तैयारी से दुर्ग संभाग के शिक्षकों में आक्रोश — शिक्षक साझा मंच ने दी आंदोलन की चेतावनी

मुख्यमंत्री-शिक्षामंत्री के ठोस आश्वासन के बाद भी अधिकारियों की मनमानी!

रायपुर प्रवक्ता.कॉम 31 अगस्त 2026

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रायपुर। मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के स्पष्ट एवं ठोस आश्वासन के बाद भी दुर्ग संभाग में टीईटी को आधार बनाकर पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने की सूचना से प्रदेश के सेवारत शिक्षकों में एक बार फिर भारी आक्रोश फैल गया है। शिक्षक साझा मंच ने विभागीय अधिकारियों के इस रवैये को सरकार के आश्वासन के विपरीत बताते हुए तत्काल पदोन्नति प्रक्रिया रोकने की मांग की है।

शिक्षक साझा मंच का कहना है कि जब स्वयं मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री यह स्पष्ट कर चुके हैं कि टीईटी के कारण किसी भी सेवारत शिक्षक की नौकरी नहीं जाएगी तथा वरिष्ठ शिक्षकों के पदोन्नति के अवसर प्रभावित नहीं होंगे, तो फिर विभागीय स्तर पर टीईटी को आधार बनाकर पदोन्नति की प्रक्रिया आगे क्यों बढ़ाई जा रही है?

शिक्षक साझा मंच के प्रदेश संचालक रविन्द्र राठौर ने कहा कि शासन के साथ हुई चर्चा में सेवारत शिक्षकों को स्पष्ट आश्वासन दिया गया था कि उन्हें टीईटी उत्तीर्ण करने के लिए पर्याप्त अवसर दिया जाएगा और अगस्त 2028 तक का समय उपलब्ध कराते हुए वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति का रास्ता सुनिश्चित किया जाएगा। ऐसे में अधिकारियों द्वारा टीईटी को पदोन्नति का तत्काल आधार बनाना शिक्षकों के साथ अन्याय है।

उन्होंने कहा कि सरकार आश्वासन दे रही है और अधिकारी उसी आश्वासन के विपरीत कार्रवाई कर रहे हैं, तो फिर शिक्षक आखिर किस पर विश्वास करें?

प्रांतीय संचालक विकास राजपूत ने विभागीय अधिकारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अधिकारी जानबूझकर ऐसी स्थिति पैदा कर रहे हैं, जिससे मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री की छवि शिक्षकों के बीच खराब हो? उन्होंने कहा, “एक तरफ मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री कहते हैं कि शिक्षक निश्चिंत रहें, किसी की नौकरी नहीं जाएगी। दूसरी तरफ टीईटी के नाम पर पदोन्नति की सूची तैयार की जा रही है। यह विरोधाभास आखिर क्यों?”

प्रांतीय संचालक प्रदीप पाण्डेय ने कहा कि सेवारत शिक्षकों के सिर पर बिना स्पष्ट नियम और लिखित आदेश के टीईटी की तलवार लटकाकर उनके नौकरी के अवसर छीनने का प्रयास किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि विभागीय परीक्षा अथवा टीईटी के संबंध में कोई नई व्यवस्था प्रस्तावित है, तो उसकी स्पष्ट रूपरेखा, नियम और समय-सीमा तत्काल सार्वजनिक की जानी चाहिए।

बसंत कौशिक से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्ग संभाग के सेवारत शिक्षक बुधवार को अपने-अपने आवेदन लेकर जेडी कार्यालय पहुंचेंगे और अधिकारियों से न्याय की मांग करेंगे। शिक्षक मांग करेंगे कि वरिष्ठता के आधार पर उनके पदोन्नति के अवसर को केवल टीईटी के आधार पर समाप्त न किया जाए। मंच का कहना है कि विभागीय स्तर पर हुई किसी भी गलती का खामियाजा वर्षों से सेवा दे रहे वरिष्ठ शिक्षकों को नहीं भुगतने दिया जाएगा।

शिक्षक साझा मंच ने स्पष्ट किया है कि सरकार से मिले आश्वासन के बावजूद यदि पदोन्नति प्रक्रिया नहीं रोकी गई, तो इसे सेवारत शिक्षकों को मिले पदोन्नति के अवसर पर सीधा कुठाराघात माना जाएगा। ऐसी स्थिति में जेडी एवं डीईओ कार्यालय के समक्ष चरणबद्ध आंदोलन के बाद अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जा सकता है।

प्रांतीय संचालक देवेंद्र हरमुख ने सरकार से दो टूक कहा कि अब प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों को केवल मौखिक आश्वासन नहीं, बल्कि स्पष्ट लिखित आदेश चाहिए। उन्होंने मांग की कि दुर्ग संभाग में टीईटी आधारित पदोन्नति की प्रक्रिया तत्काल स्थगित की जाए तथा अन्यथा दुर्ग जेडी के घेराव से शुरू करते हुए प्रदेशभर के जेडी कार्यालय का घेराव शुरू किया जाएगा।

वहीं कृष्णा वर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बावजूद यदि विभागीय स्तर पर टीईटी के नाम पर पदोन्नति की कार्रवाई जारी रहती है, तो शिक्षक साझा मंच इसे शासन के स्पष्ट निर्देशों की अवहेलना मानेगा और इसके खिलाफ प्रदेशव्यापी स्तर पर पुरजोर विरोध किया जाएगा।

मोहम्मद यासीर इरफ़ान, प्रांतीय सहसंचालक शिक्षक साझा मंच ने कहा कि “शिक्षकों को आश्वासन नहीं, अपने भविष्य की सुरक्षा का लिखित अधिकार चाहिए। सरकार ने भरोसा दिया है तो अब अधिकारियों को उस भरोसे के अनुरूप कार्रवाई करनी होगी। सुप्रीम कोर्ट से मिलने वाले अवसर किसी भी कीमत पर छीने नहीं जाने दिए जाएंगे।”

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