महंगाई भत्ते व 5 सूत्रीय मांगों को लेकर 11 सितंबर को इंद्रावती भवन के सामने प्रदर्शन करेंगे छत्तीसगढ़ के कर्मचारी कल होगी प्रेस वार्ता बताएंगे क्यों होंगे कर्मचरियों आंदोलन को मजबूर
महंगाई भत्ता और 86 महीने का एरियर्स: जनवरी 2026 की स्थिति से कर्मचारियों एवं पेंशनरों को महंगाई भत्ता जारी करने के साथ 86 महीनों का बकाया एरियर्स भुगतान किया जाए।
रायपुर प्रवक्ता.कॉम 31 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ में केंद्र के समान महंगाई भत्ते (DA) के वायदे और अन्य लंबित मांगों को लेकर राज्य के शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों और पेंशनरों में भारी आक्रोश व्याप्त है। अपनी लंबित मांगों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित कराने के लिए ‘एक मांग एक मंच अभियान’ के बैनर तले प्रदेशभर के कर्मचारी 11 सितंबर को सांकेतिक प्रदर्शन करने जा रहे हैं।

दोपहर 1 बजे भोजन अवकाश के समय प्रदर्शन
अभियान के प्रदेश संयोजक करण सिंह अटारिया के अनुसार, शासन द्वारा मान्यता प्राप्त एवं गैर-मान्यता प्राप्त संगठनों के समूह ‘एक मांग एक मंच अभियान’ के तत्वावधान में 11 सितंबर (शुक्रवार) को दोपहर 1:00 बजे (भोजन अवकाश के समय) इंद्रावती भवन, नया रायपुर (अटल नगर) में विशाल सांकेतिक प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान नोडल अधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।
क्या हैं प्रमुख 5 सूत्रीय मांगें?
मोदी केई गारंटी पर होगी बात

कर्मचारी संगठनों ने सरकार के समक्ष 5 मांगें रखी हैं:
महंगाई भत्ता और 86 महीने का एरियर्स: जनवरी 2026 की स्थिति से कर्मचारियों एवं पेंशनरों को महंगाई भत्ता जारी करने के साथ 86 महीनों का बकाया एरियर्स भुगतान किया जाए।
नियमितीकरण व मानदेय में सुधार:
अनियत कर्मचारियों का नियमितीकरण हो, निकाले गए कर्मचारियों की बहाली की जाए, न्यूनतम मानदेय कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन, अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालीन तथा आउटसोर्सिंग/ठेका प्रथा को बंद किया जाए।
नगरीय निकाय में OPS:
नगरीय निकाय कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू की जाए।
स्वास्थ्य विभाग में ठेका प्रथा समाप्त हो:
स्वास्थ्य विभाग में लैब एवं फार्मेसी की ठेका पद्धति प्रथा को समाप्त किया जाए।
कैशलेस उपचार की सुविधा:
नियमित व अनियमित कर्मचारियों एवं पेंशनरों के लिए मध्य प्रदेश की तर्ज पर 20 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा लागू की जाए।
सभी विभागों से समर्थन की अपील
मंत्रालय, विभागाध्यक्ष, शिक्षा, स्वास्थ्य, पटवारी, कृषि, वाणिज्य, जल संसाधन, रोजगार एवं ग्रामीण विकास, वन, निर्माण (PWD), सहकारिता और खाद्य सुरक्षा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी व पेंशनर इस आंदोलन में हिस्सा ले रहे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस से होगी आंदोलन का आगाज़: 1 सितंबर को मीडिया के सामने अपनी बात रखेंगे कर्मचारी नेता
छत्तीसगढ़ में केंद्र के समान महंगाई भत्ते (DA) और 86 महीनों के एरियर्स जैसी 5 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर राज्य के शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपनी मांगों की अनदेखी से नाराज कर्मचारी संगठन अब आंदोलन के रास्ते पर चलने को मजबूर हैं।
इसी कड़ी में ‘एक मांग एक मंच अभियान’ के बैनर तले कर्मचारी नेता 1 सितंबर (मंगलवार) को सुबह 11:00 बजे प्रेस क्लब, मोती बाग (रायपुर) में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने जा रहे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में किन विषयों पर होगी बात?
आंदोलन की मजबूरी का खुलासा:
कर्मचारी नेता मीडिया से रूबरू होकर बताएंगे कि आखिर क्यों वे 11 सितंबर को इंद्रावती भवन (नया रायपुर) में सांकेतिक प्रदर्शन करने के लिए विवश हुए हैं।
86 महीनों के आर्थिक शोषण का मुद्दा: जनवरी 2026 की स्थिति में महंगाई भत्ता न मिलने और 86 महीनों से लंबित एरियर्स भुगतान को लेकर सरकार की वादाखिलाफी को उजागर किया जाएगा।






