TET की अनिवार्यता के खिलाफ आज दिल्ली में शिक्षकों का बड़ा प्रदर्शन जाट मित्र मंडल केशवपुर में जुटेंगे देशभर के शिक्षक
यह प्रदर्शन 'ज्वाइंट टीचर फ्रंट' के बैनर तले आयोजित हो रहा है, जिसमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों के शिक्षक संगठन हिस्सा ले रहे हैं।
नई दिल्ली , 30अगस्त 2026
शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता के विरोध में आज 30 अगस्त को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के केशवपुरी स्थित जाट मित्र मंडल में इक्कठे होंगे ,जंतर-मंतर पर सरकारी अनुमति नहीं मिलने से स्थान परिवर्तित किया गया है। आज देशभर के शिक्षकों का एक बड़ा धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। यह प्रदर्शन ‘ज्वाइंट टीचर फ्रंट’ के बैनर तले आयोजित हो रहा है, जिसमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों के शिक्षक संगठन हिस्सा ले रहे हैं।
20-25 साल से सेवा दे रहे शिक्षकों पर TET थपने का विरोध
शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, इस नियम से अकेले मध्य प्रदेश में करीब 1.5 लाख और देशभर में लगभग 25 लाख शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि जो शिक्षक 20 से 25 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं और नियुक्ति के समय तय सभी भर्ती मापदंड पूरे कर चुके हैं, उन पर अब दोबारा पात्रता परीक्षा पास करने की बाध्यता थपना पूरी तरह से अनुचित है।
दिल्ली कूच की तैयारी
आंदोलन को सफल बनाने के लिए बसों, ट्रेनों और निजी वाहनों के माध्यम से सैकड़ों की संख्या में शिक्षक दिल्ली पहुंचे हैं। शिक्षकों की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से मुक्त किया जाए।
लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों पर लागू TET की अनिवार्यता को तत्काल समाप्त किया जाए।
वर्ष 2017 में कानून में किए गए संशोधन में बदलाव किया जाए।
शिक्षकों का कहना है कि इस नियम से उनके बीच असमंजस और मानसिक दबाव की स्थिति बनी हुई है, जिसे लेकर वे केंद्र सरकार के सामने अपनी बात रखेंगे।
दिल्ली आंदोलन: छत्तीसगढ़ के शिक्षकों में दिल्ली जाने की उत्सुकता दिखी कम
टीईटी (TET) की अनिवार्यता के विरोध में आज दिल्ली के केशवपुर में पर देशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। जहां पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश और अन्य प्रांतों से सैकड़ों की संख्या में शिक्षक बसों व ट्रेनों के जरिए दिल्ली पहुंचे हैं, वहीं छत्तीसगढ़ के शिक्षकों में इस दिल्ली आंदोलन को लेकर खास उत्सुकता नजर नहीं आ रही है।
क्या है कम उत्सुकता की वजह?
स्थानीय स्तर पर शिक्षक संगठनों के बीच समन्वय की कमी और राज्यों के अलग-अलग सेवा नियमों के कारण छत्तीसगढ़ से दिल्ली जाने वाले शिक्षकों की संख्या काफी सीमित रही। हालांकि, राज्य के शिक्षक संगठन इस मुद्दे पर सैद्धांतिक रूप से अपना समर्थन जता रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर दिल्ली कूच को लेकर कोई बड़ा हुजूम या विशेष उत्साह देखने को नहीं मिला।
शिक्षकों का एक वर्ग यह भी मानता है कि राज्य स्तरीय मांगों और स्थानीय प्रशासनिक प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दिए जाने के कारण राष्ट्रीय स्तर के इस प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ से भागीदारी उम्मीद के मुताबिक नहीं हो सकी है।






