रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बाबासाहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) के दीक्षांत समारोह में युवाओं और Gen-Z को संबोधित किया।

लखनऊ 29 अगस्त 2026
लखनऊ | रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने युवाओं और जेन-जी (Gen Z) का आह्वान किया है कि वे बड़े सपने देखें और नवाचार के बल पर भारत को दुनिया की महाशक्ति बनाने में योगदान दें। शनिवार को बाबासाहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं के सपनों, इनोवेशन और अटूट आत्मविश्वास के दम पर भारत को वैश्विक सुपरपावर बनने से कोई नहीं रोक सकता।

दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी केवल नौकरी मांगने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बन रही है। युवा वर्ग स्टार्टअप, ड्रोन तकनीक और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में नए प्रयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ की ऐतिहासिक सफलता के मूल में ‘बिलीव इन इंडिया’ की भावना निहित है।
ग्लोबल इनोवेशन में छलांग और स्टार्टअप का दौर
राजनाथ सिंह ने देश में तेजी से बढ़ते बौद्धिक संपदा अधिकारों का जिक्र करते हुए बताया कि भारत में रजिस्टर्ड पेटेंट की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2015 में भारत ‘ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स’ में 88वें स्थान पर था, जहां से अब भारत की स्थिति में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया के शीर्ष तीन इनोवेशन देशों में शामिल हो जाएगा।
सम्मेलन की खास बातें
युवाओं से आह्वान: रक्षा मंत्री ने कहा कि जेन जी (Gen-Z) बड़े सपने देखें। जेन जी के सपनों, नवाचार और आत्मविश्वास के दम पर भारत को दुनिया की महाशक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता।
बदलती तकनीक: आज की युवा पीढ़ी स्टार्टअप, ड्रोन, हाइड्रोजन तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नए-नए प्रयोग कर रही है। भारत अब दुनिया की बड़ी स्टार्टअप शक्तियों में शामिल हो चुका है।
बिलीव इन इंडिया’: ‘मेक इन इंडिया’ की सफलता के पीछे ‘बिलीव इन इंडिया’ की भावना काम कर रही है।
पेटेंट और ग्लोबल इनोवेशन: देश में पेटेंट की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2015 में भारत ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में 88वें स्थान पर था, जबकि आज स्थिति काफी बेहतर हुई है और आने वाले वर्षों में भारत के टॉप-3 इनोवेशन देशों में पहुंचने की उम्मीद है।
स्टार्टअप इकोसिस्टम: भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। युवाओं को सिर्फ नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनना चाहिए।
उन्होंने गर्व जताते हुए कहा कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है, जहां युवा अपनी यूनिकॉर्न कंपनियां खड़ी कर देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं।





