जनगणना और सुशासन की भेंट चढ़ गई शिक्षक और सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी 21 जुलाई 26 तक तीन महीने के लिए अवकाश पर लगाई जीएडी ने ब्रेक

रायपुर प्रवक्ता.कॉम 24 अप्रैल 2026
शासकीय सेवक अवकाश स्वीकृत होने पर ही प्रस्थान करेंगे सुशासन तिहार एवं जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य को दृष्टिगत रखते हुए शासन ने जारी किए निर्देश
रायपुर, प्रवक्ता. कॉम 24 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सुशासन तिहार एवं जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य को दृष्टिगत रखते हुए परिपत्र जारी कर निर्देशित किया गया है कि कोई भी शासकीय सेवक सक्षम प्राधिकारी द्वारा अवकाश स्वीकृत किए जाने से पूर्व अवकाश पर प्रस्थान नहीं करेगा। बिना पूर्व स्वीकृति के कार्यालय से अनुपस्थित रहना स्वैच्छिक अनुपस्थिति मानी जाएगी और इसे सेवा नियमों के तहत ब्रेक इन सर्विस (सेवा में व्यवधान) के रूप में देखा जा सकता है।

आकस्मिक परिस्थितियों में इस तरह से लेनी होगी छुट्टी
सभी शासकीय सेवक को आकस्मिक अवकाश की स्थिति में भी यथासंभव दूरभाष या डिजिटल माध्यम से पूर्ण सूचना देना अनिवाय होगा, जिसकी लिखित पुष्टि कार्यालय आगमन के तत्काल बाद करनी होगी। अवकाश परिस्थिति में लंबे अवकाश (अर्जित अवकाश आदि) पर जाने से पूर्व संबंधित शासकीय सेवक को अपने कार्यों का प्रभार अन्य अधिकारी कर्मचारी को विधिवत सौंपना अनिवार्य होगा।
कड़ाई से पालन के निर्देश
राज्य शासन द्वारा शासन के समस्त विभागों, अध्यक्ष राजस्व मण्डल छत्तीसगढ़ बिलासपुर, समस्त विभागाध्यक्ष, समस्त संभागायुक्त एवं सभी जिलों के कलेक्टरों को इस आशय का पत्र जारी किया गया है कि शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
कर्मचारी संगठनों ने कहा सरकारी कर्मचारियों की अवकाश स्वीकृति में लचीला रुख रखे सरकार
जीएडी के द्वारा जारी इस निर्देश पर प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ कोषालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा है कि हर साल मई और जून का महीना शासकीय कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण होता है । गृह प्रवेश लेकर वैवाहिक आयोजन भी होते हैं। कर्मचारी सरकार के कार्यों को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने वाले अभिन्न अंग हैं इसलिए आवश्यकता पड़ने पर अवकाश स्वीकृति की प्रक्रिया सरल और लचीला होना चाहिए।
आदेश के मुख्य तथ्य
मुख्य बिंदु:
अवधि: अगले 3 महीने (अप्रैल के अंत से जुलाई तक)।
कारण: जनगणना कार्य और सुशासन तिहार का संचालन।
बिना अनुमति छुट्टी: बिना सूचना के अवकाश लेने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई और ‘ब्रेक इन सर्विस’ माना जाएगा।
आपातकालीन स्थिति: बहुत जरूरी होने पर ही संबंधित अधिकारी से पूर्व अनुमति लेकर ही छुट्टी ली जा सकती है।





