छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट: जान के खतरे का सामना कर रहे प्रधान पाठक के ट्रांसफर आवेदन पर 20 दिनों में निर्णय लेने का आदेश
आवेदन के बाद भी सीएम समन्वय में स्थानांतरण नहीं होने से नाराज प्रधान पाठक ने किया कोर्ट का रुख
बिलासपुर: प्रवक्ता .कॉम
30 जून 2026
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने कबीरधाम जिले के एक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक (हेड मास्टर) की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य शासन को उनके स्थानांतरण (तबादले) के आवेदन पर जल्द निर्णय लेने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ता ने स्कूल परिसर में जानलेवा हमले और लगातार मिल रही धमकियों के कारण अपनी सुरक्षा का हवाला देते हुए तबादले की गुहार लगाई थी।
क्या है पूरा मामला?
मामला कबीरधाम (कवर्धा) जिले के पंडरिया ब्लॉक अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, गिरधारीकपा का है। यहाँ पदस्थ 55 वर्षीय प्रधान पाठक सुरेश कुमार चंद्रवंशी ने हाई कोर्ट में याचिका (WPS No. 4726 of 2026) दायर की थी।
याचिका के अनुसार, जगदीश बर्मन नामक एक व्यक्ति द्वारा उन्हें लगातार गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी जा रही थीं। आरोपी ने स्कूल परिसर में घुसकर उनके साथ मारपीट भी की थी, जिसके संबंध में 18 जून 2022 को एक FIR दर्ज कराई गई थी और आपराधिक कार्यवाही भी शुरू की जा चुकी है।
अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंकाओं के चलते, याचिकाकर्ता ने पूर्व में बोडला ब्लॉक के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, बैजलपुर में अटैचमेंट (संबद्धता) लिया था। हालांकि, सरकारी कर्मचारियों के अटैचमेंट पर लगे मौजूदा प्रतिबंध के कारण उन्हें दोबारा गिरधारीकपा स्कूल में ही काम करने के लिए निर्देशित कर दिया गया, जिससे उनकी सुरक्षा का खतरा फिर बढ़ गया।
हाई कोर्ट का रुख और निर्देश
इस स्थिति को देखते हुए याचिकाकर्ता ने 15 जून 2026 को स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव के समक्ष एक अभ्यावेदन (Representation) प्रस्तुत कर दुर्ग संभाग के अंतर्गत किसी भी सुरक्षित स्थान पर ट्रांसफर करने की मांग की थी।
मामले की सुनवाई माननीय न्यायमूर्ति बिभु दत्त गुरु की एकल पीठ में हुई। सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता ने अदालत को आश्वस्त किया कि यदि याचिकाकर्ता का आवेदन अभी भी लंबित है, तो कानून के दायरे में रहकर तय समय सीमा के भीतर उस पर निर्णय लिया जाएगा।
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद याचिका को निपटाते हुए निर्देश जारी किए:
20 दिनों के भीतर फैसला:
हाई कोर्ट ने प्रतिवादी नंबर 1/सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को निर्देश दिया है कि वे याचिकाकर्ता के 15 जून 2026 के आवेदन पर कानून के अनुसार विचार करें और आदेश की प्रति मिलने के 20 दिनों के भीतर इस पर अंतिम निर्णय लें।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सी.जे.के. राव और राज्य शासन की ओर से पैनल लॉयर सुश्री साक्षी बाजपेयी ने पैरवी की।






