छत्तीसगढ़ : 1 अप्रैल 2026 से सभी विभागों में लागू होगी नई समयमान वेतनमान योजना, पुरानी क्रमोन्नति योजनाएं होंगी समाप्त ” शिक्षकों की क्रमोन्नति की मांग पर पड़ेगा असर
सरकारी कर्मचारियों के लिए वेतनमान नियमों में बड़ा बदलाव: जानें नई व्यवस्था और विकल्प चुनने की प्रक्रिया।" "म.प्र. में क्रमोन्नति योजनाएं होंगी बंद, 1 अप्रैल से समयमान वेतनमान ही एकमात्र विकल्प।"

रायपुर प्रवक्ता.कॉम 09 जून 2026
छत्तीसगढ़ में सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा जारी निर्देश के तहत पुरानी क्रमोन्नति योजना को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है । इस निर्देश के प्रमुख प्रावधान अनुसार कर्मचारियों को अब विकल्प देने का प्रस्ताव दिया गया है। इस निर्देश की अहम बातें

मुख्य निर्णय और बदलाव (दिनांक 12.03.2026 की बैठक के अनुसार)


- पुरानी योजनाओं की समाप्ति: सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा विभिन्न संवर्गों (जैसे शिक्षक, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी, उप-अभियंता, वन क्षेत्रपाल आदि) के लिए संचालित पुरानी क्रमोन्नति योजनाओं की प्रभावशीलता 31 मार्च 2026 के बाद समाप्त कर दी जाएगी।
- नई व्यवस्था: 1 अप्रैल 2026 या उसके बाद नियुक्त होने वाले सभी शासकीय सेवकों को केवल वित्त विभाग द्वारा संचालित ‘समयमान वेतनमान’ योजना का लाभ मिलेगा।
- विकल्प का चयन (Option Selection): जो शासकीय सेवक 31 मार्च 2026 तक नियुक्त हो चुके हैं, उन्हें यह विकल्प दिया जाएगा कि वे या तो पुरानी ‘क्रमोन्नति योजना’ में बने रहें या फिर नई ‘समयमान वेतनमान’ योजना का लाभ लें। वे अपनी सुविधा और लाभ के अनुसार किसी एक का चयन कर सकते हैं।
- विकल्प की शर्तें:
- शासकीय सेवक द्वारा दिया गया विकल्प अंतिम और अपरिवर्तनीय (Final & Irrevocable) होगा।
- यह विकल्प आदेश जारी होने की तारीख से एक माह के भीतर सक्षम प्राधिकारी को प्रस्तुत करना होगा।
- यदि निर्धारित समय सीमा में विकल्प नहीं दिया जाता है, तो यह माना जाएगा कि कर्मचारी पुरानी ‘क्रमोन्नति योजना’ में ही बने रहना चाहता है।
- अभिलेखों में दर्ज: सक्षम प्राधिकारी द्वारा विकल्प को सत्यापित करने के बाद इसे संबंधित कर्मचारी की सेवा पुस्तिका (Service Book) में दर्ज किया जाएगा।
- अन्य विभागों के लिए: जिन विभागों के पदों का समावेश अभी वित्त विभाग के समयमान वेतनमान की सूची में नहीं है, उन्हें अपने प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजने होंगे।
अपना विकल्प समझ कर दें सरकार का तर्क प्रशासनिक सुधार के लिए लिया गया निर्णय है
यह निर्णय प्रशासनिक सुधार और वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए लिया गया है। यह तर्क सरकार की तरफ से दी गई है लेकिन शासकीय सेवक हैं, तो आपके लिए ध्यान रखने योग्य बातें ये हैं:
- अपना स्टेटस चेक करें: यदि आप 31 मार्च 2026 से पहले नियुक्त हैं, तो आप दोनों योजनाओं की तुलना करें और यह गणना करें कि आपके लिए कौन सी योजना अधिक लाभप्रद है।
- समय सीमा का ध्यान रखें: जब आपके विभाग से इसके संबंध में औपचारिक आदेश जारी हो, तो एक माह की समय सीमा के भीतर अपना विकल्प (Option form) अवश्य जमा कर दें।
- सत्यापन: अपना विकल्प जमा करने के बाद उसकी पावती (Receipt) जरूर लें और यह सुनिश्चित करें कि उसे आपके सेवा अभिलेख में दर्ज कर लिया गया है
शिक्षकों की क्रमोन्नति की पुरानी मांग ही खत्म कर दी
छत्तीसगढ़ में सोना साहू प्रकरण के बाद से क्रमोन्नति के हज़ारों प्रकरण कोर्ट में लगे संभवतः सरकार ने यह निर्णय शिक्षकों को पुरानी सेवा के आधार पर क्रमोन्नति देने के पचड़े और उससे पड़ने वाले संभावित वित्तीय भार के चलते इस तरह का बदलाव किया गया हो । जो भी हो इस निर्देश से प्रदेश के हजारों शिक्षकों की क्रमोन्नति संबंधी अभियान को बड़ा झटका लगा है। इसका निर्देश के विरोध होने की आशंका है । क्यूंकि यह पुरानी सेवा के आधार पर शिक्षकों की क्रमोन्नति के सारे विकल्प को ही खत्म करने वाला है।





