16 लाख के एरियर्स के एवज में मांगी थी 5% रिश्वत: बीईओ 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, ACB की कार्रवाई
बीईओ चंद्र कुमार यारदा द्वारा एरियर्स राशि का 5 प्रतिशत कमीशन मांगा गया, जो लगभग 80 हजार रुपये होता है। परेशान होकर शिक्षक ने इसकी शिकायत ACB के जगदलपुर कार्यालय में दर्ज करा दी।
कोंटा (सुकमा) 2 सितंबर 2026
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) जगदलपुर की टीम ने सुकमा जिले के कोंटा में पदस्थ विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) चंद्र कुमार यारदा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। बीईओ ने एक शिक्षक की पत्नी के करीब 16 लाख रुपये के एरियर्स पास करने के एवज में 5 प्रतिशत कमीशन (लगभग 80 हजार रुपये) की मांग की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने बुधवार को जाल बिछाकर यह कार्रवाई की।
1991 से नियुक्त शिक्षिका के एरियर्स का था मामला
जानकारी के अनुसार, शिक्षक मंगलराम की पत्नी वर्ष 1991 में शिक्षिका के पद पर नियुक्त हुई थीं। लंबे समय से उनके एरियर्स का मामला लंबित चल रहा था। विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद एरियर्स की कुल राशि करीब 16 लाख रुपये बनी थी। इसके बाद फाइल को अंतिम मंजूरी देने के लिए बीईओ के हस्ताक्षर आवश्यक थे। शिक्षक जब हस्ताक्षर कराने कार्यालय पहुंचे, तो अधिकारी द्वारा फाइल को लटकाकर रखा गया।
महीने भर से चक्कर कटवा रहा था अधिकारी, मांगी 80 हजार रिश्वत
पीड़ित शिक्षक मंगलराम के अनुसार, वे करीब एक महीने से दस्तखत कराने के लिए बीईओ कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। इसी दौरान बीईओ चंद्र कुमार यारदा द्वारा एरियर्स राशि का 5 प्रतिशत कमीशन मांगा गया, जो लगभग 80 हजार रुपये होता है। परेशान होकर शिक्षक ने इसकी शिकायत ACB के जगदलपुर कार्यालय में दर्ज करा दी।
ACB ने बिछाया जाल, रिश्वत लेते ही धर दबोचा
शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने गोपनीय तरीके से मामले का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने पर बुधवार दोपहर करीब 12 बजे एसीबी की टीम तीन-चार वाहनों में कोंटा स्थित बीईओ कार्यालय पहुंची। योजना के तहत शिक्षक को पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये देने के लिए अंदर भेजा गया। जैसे ही बीईओ ने रिश्वत की रकम ली, बाहर तैनात एसीबी टीम ने दबिश देकर उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।
दफ्तर के रिकॉर्ड व फाइलें खंगालीं
कार्रवाई के दौरान एसीबी की टीम ने बीईओ कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों और रिकॉर्ड्स की गहन जांच की। मामले से जुड़े अन्य कागजातों और फाइलों को खंगाला गया। देर शाम तक कार्यालय में जांच और वैधानिक कार्रवाई जारी रही। मामले में आरोपी बीईओ के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है






