सोशल मीडिया पर ऑनलाइन हाजिरी का विरोध पड़ा महंगा, व्याख्याता को DEO ने थमाया कारण बताओ नोटिस
जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने शासकीय हाई स्कूल तुलसी (वि.खंड- नवागढ़) में पदस्थ व्याख्याता निर्मला कोमल लहरे को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
जांजगीर-चांपा: प्रवक्ता.कॉम 1 सितम्बर 2026
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में सोशल मीडिया पर ऑनलाइन उपस्थिति ऐप (VSK App) का विरोध करना और सरकार व प्रशासन के खिलाफ बयानबाजी करना एक शिक्षिका को भारी पड़ गया है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने शासकीय हाई स्कूल तुलसी (वि.खंड- नवागढ़) में पदस्थ व्याख्याता निर्मला कोमल लहरे को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
वायरल वीडियो पर हुई कार्रवाई
DEO कार्यालय द्वारा 1 सितंबर 2026 को जारी नोटिस के अनुसार, 31 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। आरोप है कि व्याख्याता निर्मला कोमल लहरे द्वारा बनाए गए इस वीडियो में ऑनलाइन उपस्थिति ऐप लागू करने के संबंध में मुख्यमंत्री और जांजगीर-चांपा कलेक्ट्रेट के खिलाफ अनर्गल व तथ्यहीन बयानबाजी की गई तथा “किसी से नहीं डरने” की बात कही गई।
सिविल सेवा आचरण नियम के उल्लंघन का आरोप
विभाग ने इस कृत्य को शासकीय कर्मचारी के पद के प्रतिकूल माना है। DEO ने कहा कि एक सरकारी कर्मचारी होते हुए इस तरह का तथ्यहीन वीडियो बनाना अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता और कदाचरण को दर्शाता है, जो छ.ग. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के विपरीत है।
2 सितंबर तक मांगा गया जवाब

नोटिस में शिक्षिका को निर्देश दिया गया है कि वे 2 सितंबर 2026 को स्वयं उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। समय पर जवाब न देने की स्थिति में यह माना जाएगा कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उच्च कार्यालय को पत्र प्रेषित कर दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षिका की होगी।



