
दुर्ग/धमधा
प्रवक्ता.कॉम 05 अगस्त 2026
धमधा: माननीय अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग विनोद कुजूर के मार्गदर्शन और राष्ट्रीय व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के तहत, तालुका विधिक सेवा समिति धमधा के तत्वावधान में व्यवहार न्यायालय परिसर में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य ‘मेडिएशन 3.0’ अभियान और आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाना है।
तालुका विधिक सेवा समिति, धमधा के अध्यक्ष श्री शैलेश कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में स्थानीय अधिवक्ताओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
बैठक में हुई प्रमुख कार्यवाही
वैकल्पिक विवाद निवारण पर जोर:
शैलेश कुमार वशिष्ठ ने संबोधित करते हुए कहा कि मेडिएशन 3.0 न्याय व्यवस्था की एक मानवीय और प्रभावी प्रक्रिया है, जिससे पक्षकार आपसी सहमति और संवाद से अपने विवादों का स्थायी समाधान पा सकते हैं। इससे समय, धन और पारिवारिक-सामाजिक संबंध सुरक्षित रहते हैं।
अधिवक्ताओं से सक्रिय सहयोग की अपील: अधिवक्ताओं से आग्रह किया गया कि वे अपने मुकदमों का परीक्षण कर ऐसे मामलों की पहचान करें जिनका समाधान मध्यस्थता से संभव हो, और अधिकाधिक प्रकरणों को मेडिएशन व राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए चिन्हित करें।
प्री-लिटिगेशन मामलों का निराकरण:
बैठक में जानकारी दी गई कि लंबित राजीनामा योग्य वादों के साथ-साथ प्री-लिटिगेशन स्तर के मामलों का भी लोक अदालत के माध्यम से निराकरण किया जा सकता है, जिससे अनावश्यक मुकदमेबाजी कम होगी।
अधिवक्ता संघ का पूर्ण समर्थन:
उपस्थित अधिवक्ताओं ने अभियान को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग देने और अधिक से अधिक मामलों को मध्यस्थता के लिए भेजने की सहमति जताई।
इस समन्वय बैठक में अधिवक्ता संघ के वरिष्ठ अधिवक्ता, अन्य अधिवक्तागण और तालुका विधिक सेवा समिति, धमधा के कर्मचारी उपस्थित रहे।





