नवा रायपुर में खुलेगा प्रतिष्ठित NMIMS का नया परिसर, 40 एकड़ में 10 हजार छात्र पा सकेंगे विश्वस्तरीय शिक्षा
नवा रायपुर के सेक्टर-18 में लगभग 40 एकड़ क्षेत्र में फैले इस सर्वसुविधायुक्त परिसर का निर्माण श्री विले पार्ले केलवणी मंडल (SVKM) द्वारा किया जाएगा। राज्य मंत्रिमंडल ने 21 जनवरी 2026 को इस भूमि आवंटन के प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति दी थी, जिसके बाद 90 वर्षों की लीज अवधि तय कर कागजी औपचारिकताएं पूरी की गईं।
रायपुर प्रवक्ता.कॉम 1 सितंबर 2026
रायपुर। छत्तीसगढ़ को देश का प्रमुख एजुकेशन और नॉलेज हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। देश के विख्यात शिक्षण संस्थानों में शुमार नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) अब नवा रायपुर अटल नगर में अपना नया अत्याधुनिक परिसर स्थापित करने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में संस्थान की स्थापना के लिए 40 एकड़ भूमि की लीज रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सरकार के इस कदम से प्रदेश के युवाओं को अब प्रबंधन, कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा के लिए देश के बड़े महानगरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।
90 वर्षों की लीज पर 40 एकड़ भूमि आवंटित
नवा रायपुर के सेक्टर-18 में लगभग 40 एकड़ क्षेत्र में फैले इस सर्वसुविधायुक्त परिसर का निर्माण श्री विले पार्ले केलवणी मंडल (SVKM) द्वारा किया जाएगा। राज्य मंत्रिमंडल ने 21 जनवरी 2026 को इस भूमि आवंटन के प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति दी थी, जिसके बाद 90 वर्षों की लीज अवधि तय कर कागजी औपचारिकताएं पूरी की गईं।
दो से तीन वर्षों में शुरू होगा पहला बैच
यद्यपि पूरे कैंपस को पूर्ण रूप से आकार लेने में सात वर्षों का समय निर्धारित किया गया है, लेकिन राज्य के छात्रों को इसका त्वरित लाभ देने के लिए आगामी दो से तीन वर्षों में पहला शैक्षणिक सत्र (फर्स्ट बैच) प्रारंभ कर दिया जाएगा।
कुल क्षमता: पूर्ण विकसित होने पर लगभग 10,000 विद्यार्थी एक साथ शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे।
पाठ्यक्रम: प्रबंधन (Management), आधुनिक कौशल विकास, उद्यमिता और रोजगारोन्मुखी विषय।
अवसर: राज्य के युवाओं के साथ-साथ देशभर से आने वाले विद्यार्थियों से नवा रायपुर में एक समृद्ध और विविध शैक्षणिक वातावरण का निर्माण होगा।
उद्योग-अकादमिक समन्वय से बढ़ेगा रोजगार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदेश की युवा शक्ति को आधुनिक दौर की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है। NMIMS के आने से न केवल उच्च शिक्षा को नया आयाम मिलेगा, बल्कि स्थानीय उद्योगों और सेवा क्षेत्रों के लिए कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता भी बढ़ेगी। इससे राज्य में अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप्स और नए रोजगार के अवसर तेजी से विकसित होंगे।
रजिस्ट्री के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित शासन के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।






